मुरैना में पुलिस ने पकड़े 3 तस्कर, कार में भरकर ले जा रहे 30 घड़ियाल

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के मुरैना के जौरा कस्बे में वन विभाग की टीम ने तीन घड़ियाल तस्करों को पकड़ा है. पुलिस के साथ की गई इस कार्रवाई में उनके कब्जे से 30 घड़ियाल बरामद किए हैं. जौरा के वन विभाग के डिप्टी रेंजर विनोद उपाध्याय को जानकारी मिली थी कि कुछ तस्कर घड़ियालों को लेकर आ रहे हैं, जिसके बाद एक्शन लिया गया और तीन तस्करों को दबोच लिया गया.

विनोद उपाध्याय ने तुरंत इसकी जानकारी जौरा थाना प्रभारी उदयभान सिंह यादव और एसडीओपी नितिन बघेल को दी. बताया गया कि एक व्हाइट कार में पान मसाला के डिब्बे हैं, जिनमें घड़ियालों को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है. इसके बाद आनन फानन में पुलिस ने तुरंत चेकिंग अभियान शुरू किया. इसी दौरान एक चार पहिया गाड़ी आई. गाड़ी को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसमें 30 घड़ियालों के बच्चे पाए गए.

घड़ियालों के बच्चों को वन विभाग को सौंपा

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और थाने ले आई. अब गाड़ी में से बरामद किए गए घड़ियालों के बच्चों को वन विभाग को सौंप दिया गया है. जिन तीन आरोपियों को पकड़ा गया है. उनकी पहचान आरोपी तस्कर राजू आदिवासी मऊरानीपुर के रहने वाले जगदीश का बेटा, दूसरा आरोपी विजय ग्वालियर के बैरक क्वार्टर थाटीपुर के रहने वाले शशिकांत गौर का बेटा और तीसरा तस्कर आरोपी रामवीर सिंह ग्वालियर के ही सूर्य विहार कॉलोनी पिंटू पार्क के शिव सिंह बघेल के बेटे के रूप में हुई है.

चंबल नदी के बटेश्वर घाट से पकड़ा गया

पकड़े गए आरोपियों में से दो मध्य प्रदेश और एक उत्तर प्रदेश का निवासी है. जौरा SDOP नितिन एस बघेल ने बताया कि एक गाड़ी पकड़ी गई है, जिसमें तीन तस्कर पकड़े गए. उनके कब्जे से छोटे घड़ियाल बरामद हुए हैं. सभी घड़ियालों को वन विभाग को सौंप दिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. वन अधिकारियों के मुताबिक इन घड़ियालों को चंबल नदी के बटेश्वर घाट से पकड़ा गया था. इनकी तस्करी पर इसलिए रोक लगाई गई है. क्योंकि ये एक लुप्तप्राय प्रजाति है. इन्हें फिश ईटिंग क्रोकोडाइल भी कहा जाता है. ये मगरमच्छ के जैसे दिखते हैं.

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