MP News: महिला आरक्षण पर मध्य प्रदेश में सियासत तेज; कल BJP का सड़क पर प्रदर्शन, विधानसभा का विशेष सत्र

मध्य प्रदेश

महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में गिरने के बाद देश की सियासत गरमा गई है. विपक्ष इस कवायद को सत्ता पक्ष की साजिश करार दे रहा है तो वहीं सत्ता पक्ष इसके लिए विपक्ष को दोषी ठहरा रहा है. अब केंद्र में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे को सड़क पर ले जाने का योजना बना रही है. मध्य प्रदेश में बीजेपी महिलाओं के सम्मान में अब सड़क पर उतरने जा रही है. साथ ही इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है.

मध्य प्रदेश में सरकार ने महिला सम्मान मुद्दे विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र बुलाने का ऐलान किया है. साथ में बीजेपी सरकार महिलाओं के सम्मान में सड़क पर उतरने जा रही है और कल से प्रदेशभर में आक्रोश प्रदर्शन की तैयारी है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि द्रौपदी का चीरहरण हमने 5 हजार साल पहले देखा था, लेकिन बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ का जो घटनाक्रम संसद में हुआ, वह अत्यंत कष्टकारी और निंदनीय है. सारे दुशासन, दुर्योधन और कौरव पक्ष के लोग जिस प्रकार उस घटना में शामिल थे, वह हम सभी के लिए पीड़ादायक है.

पाप करने वाले को बेनकाब करेंगेः CM मोहन

प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “आज, बहनों की मौजूदगी में मैं कहना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने जो फैसला लिया, उसके लिए पीएम मोदी ने बड़े मन से सभी को पत्र भी लिखा था, ताकि इस मुद्दे पर कोई यह न कह सके कि हमें जानकारी नहीं दी गई, हमसे चर्चा नहीं की गई.” उन्होंने कहा, “हमने फैसला लिया है कि सरकार, पार्टी, समाज और मीडिया के जरिए इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा. कल सोमवार को प्रदेश में एक बड़ी आक्रोश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बहनों को उनका हक दिलाने का संकल्प लिया जाएगा. जिन लोगों ने यह पाप किया है, उन्हें बेनकाब किया जाएगा.”

उन्होंने कहा, “आने वाले समय में हर जिले और पंचायत स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे. विधानसभा का एकदिवसीय सत्र भी बुलाया जाएगा और इस मुद्दे को फिर से उठाया जाएगा. अब हम रुकने वाले नहीं हैं. देश की आधी आबादी के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ है, उसके हर पहलू को जनता के सामने लाया जाएगा.”

विपक्ष का असली चेहरा उजागरः खंडेलवाल

वहीं प्रदर्शन को लेकर MP बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ वह सिर्फ एक संसदीय प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा हुआ एक अहम विषय भी था. लेकिन विपक्ष ने खासतौर से राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने बता दिया कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है.” उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि कांग्रेस का जो सवाल था वह एक तरह से हमारी बहनों के विरुद्ध अपराध था.”

उन्होंने कहा, “आप सभी को पता है कि कई सालों से सभी दल किसी ने किसी रूप में चाहते थे कि महिला आरक्षण लागू हो लेकिन जब इसे लागू करने का विषय आया तो विपक्ष का असली चेहरा उजागर हो गया इस विषय पर पूरी विस्तृत चर्चा के लिए हमारे मुख्यमंत्री (मोहन यादव) हैं.”

नारी शक्ति माफ नहीं करेगीः रेखा वर्मा

इसी मसले पर बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि 70 सालों से इस देश की महिलाएं अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही थीं. 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को मिलना चाहिए इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहे थे. सरकार के बनने के बाद में महिला शक्ति को उम्मीद जगी थी कि इस बार शायद महिला शक्ति को उसका अधिकार मिलेगा लेकिन वो नहीं मिला.

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की मंशा थी कि ये बिल को हम पारित नहीं होने देंगे. सभी लोगों ने मिलकर मन बना लिया था कि इस बिल को लागू नहीं होने देंगे. जबकि हमारे प्रधानमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि हमें क्रेडिट नहीं चाहिए इसे लागू कीजिए, हम आपको क्रेडिट देंगे मगर इस बिल को लागू होने दीजिए. फिर भी उन्होंने इस बिल का समर्थन नहीं किया. इससे यह बिल लागू नहीं हो पाया और जब यह बिल संसद में गिर गया तो इन लोगों ने जश्न बनाया था. एक-दूसरे को बधाई दी जो कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. नारी शक्ति इस बात को कभी माफ नहीं कर पाएगी.

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