पलामू: मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मेदिनीनगर सदर प्रखंड की एक एचआईवी पॉजिटिव महिला ने अपनी पहचान और बीमारी को छिपाकर अस्पताल में सिजेरियन प्रसव कराया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिला और उसका पति लंबे समय से एआरटी (ART) की दवा ले रहे थे और उनके पास इसका ‘ग्रीन कार्ड’ भी था, बावजूद इसके उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी।
🚨 खुलासे के बाद अलर्ट पर अस्पताल प्रबंधन
शनिवार सुबह 10:09 बजे महिला का सफल सिजेरियन ऑपरेशन हुआ। चूंकि महिला ने अपनी बीमारी नहीं बताई थी, इसलिए डॉक्टरों और ओटी स्टाफ ने सामान्य प्रोटोकॉल के तहत प्रसव कराया। शाम करीब 5 बजे एआरटी सेंटर की एक कर्मी के माध्यम से मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए तुरंत ‘नेब्रापिन’ दवा दी गई। गाइनोकोलॉजिस्ट विभाग की ओटी प्रभारी अनूपा ने बताया कि यदि पहले जानकारी दी जाती, तो स्टाफ पीपीई किट और विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ ऑपरेशन करता।
🛡️ अन्य मरीजों की सुरक्षा पर प्रबंधन का स्पष्टीकरण
इस घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों में संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इस पर मेट्रन शिला कुमारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए सभी उपकरण अलग रखे गए थे और उनका उपयोग किसी अन्य मरीज पर नहीं हुआ है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में हर टेबल के लिए अलग-अलग उपकरणों की व्यवस्था रहती है, जिससे संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।
⚖️ अधीक्षक ने लिया संज्ञान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए MMCH के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने गाइनोकोलॉजी विभागाध्यक्ष, मेट्रन और एआरटी काउंसलर को मामले की कड़ी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन यह घटना अस्पतालों में मरीजों द्वारा दी जाने वाली जानकारी की सटीकता और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े कर गई है।
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