मलोट: नशीले पदार्थों के खिलाफ मलोट शहर की पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। एएसआई हरविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लंबे समय से बाहर से प्रतिबंधित ‘प्रेगाभा’ (Pregaba) कैप्सूल लाकर शहर में बेच रहा था। पुलिस की इस छापेमारी में 7 आरोपियों को 2,000 नशीले कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया गया है।
🕵️ छापेमारी और गिरफ्तारी
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने स्टेडियम के पास घेराबंदी की और छापेमारी को अंजाम दिया। इस दौरान सुनील कुमार उर्फ सनी, अमन कुमार, कशिश शर्मा, गुरविंदर पाल उर्फ अजय, संदीप कुमार और स्वर्ण सिंह समेत 7 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं और एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरोह के 5 अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
💉 डोप टेस्ट में हुआ खुलासा
पुलिस की कार्यप्रणाली का बड़ा हिस्सा यह रहा कि गिरफ्तार आरोपियों का मेडिकल परीक्षण (डोप टेस्ट) करवाया गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि गिरफ्तार किए गए सभी 7 आरोपी अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थों के आदी पाए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह न केवल नशीली दवाओं की तस्करी कर रहा था, बल्कि स्वयं भी नशे के दलदल में गहराई तक धंसा हुआ था।
⚖️ सख्त कार्रवाई का आश्वासन
थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मलोट में नशा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फरार 5 आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिला प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन करने और अवैध नशीली दवाओं की बिक्री करने के कारण इन सभी पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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