भोपाल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार की बात प्रदेश के पटवारी तक नहीं सुनते, वह सरकार खटारा नहीं तो और क्या है। पटवारी ने कहा कि इस तरह के हालात से साफ जाहिर होता है कि राज्य सरकार और प्रशासन के बीच किसी भी प्रकार का कोई तालमेल या समन्वय नहीं बचा है।
📋 रोजगार की समयसीमा और विभागों की स्थिति पर पूछे तीखे सवाल
सरकार द्वारा अगले एक साल में युवाओं को रोजगार दिए जाने के ऐलान पर सवाल उठाते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार पहले ढाई लाख और पांच लाख रोजगार देने की बात करती थी और अब एक लाख नौकरियां देने की बात कह रही है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ये नौकरियां किस विभाग में, कितने पदों पर होंगी और इसकी पूरी समयसीमा क्या होगी। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि युवाओं को सिर्फ घोषणाओं के बजाय पारदर्शी भर्तियों की जरूरत है।
💰 बढ़ते कर्ज और वित्तीय प्रबंधन पर सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने प्रदेश पर लगातार बढ़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन न होने के कारण सरकार को कर्ज लेकर योजनाएं चलानी पड़ रही हैं, जिससे राज्य का कर्ज बढ़कर 5 लाख 68 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज लेने की प्रक्रिया में भी भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकार को जनता के सामने यह हिसाब रखना चाहिए कि इस राशि को कहां और किस तरह खर्च किया जा रहा है।
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