लुधियाना: लुधियाना स्थित श्री आत्म वल्लभ जैन कॉलेज के नॉन-टीचिंग कर्मचारी और सीनियर असिस्टेंट कुलभूषण शर्मा अपने परिवार संग कॉलेज के बाहर दिन-रात धरने पर बैठ गए हैं। कुलभूषण शर्मा का आरोप है कि कॉलेज के मैनेजमेंट ने उन्हें गैरकानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया।
उन्होंने बताया कि उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2011 को पंजाब यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत स्थायी रूप से हुई थी और वर्ष 2016 में उन्हें सीनियर असिस्टेंट पद पर पदोन्नत किया गया। शर्मा के अनुसार जनवरी 2024 में नियमों को दरकिनार कर उनका तबादला किया गया, जिसे पंजाब एजुकेशनल ट्रिब्यूनल ने गलत ठहराते हुए उन्हें दोबारा कॉलेज में बहाल किया था। कुलभूषण शर्मा का कहना है कि दोबारा ज्वाइन कराने के बाद उन्हें काम न देकर अलग कमरे में बैठाया गया और उन पर झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि आरोप जांच में साबित नहीं हुए, इसके बावजूद 15 जनवरी 2026 को उन्हें सेवा से हटा दिया गया। धरने पर बैठे कुलभूषण शर्मा ने पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, मुख्यमंत्री पंजाब और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर इंसाफ दिलाने की मांग की है।
वहीं इस पूरे मामले में कॉलेज प्रिंसिपल संदीप गुप्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था, जिसने करीब 3 महीने तक मामले की जांच की। प्रिंसिपल के अनुसार जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ही पंजाब सर्विस रूल्स के तहत कुलभूषण शर्मा को सेवा से टर्मिनेट करने की कार्रवाई अमल में लाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला पूरी तरह नियमों और प्रक्रिया के अनुसार लिया गया है।फिलहाल मामला तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस संघर्ष के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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