लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसदों ने सरकार पर जमकर निशाना साधा. इतना ही नहीं स्पीकर ओम बिरला पर भी आरोप लगाए. विपक्ष के आरोपों को गलत बताते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि गौरव स्पीकर मामले में गलत व्याख्या रख रहे हैं. इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने नरवणे की किताब का मुद्दा उठाया तो संसद में हंगामा मच गया. हंगामा बढ़ता देख स्पीकर की चेयर पर बैठे बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने संसद की कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दिया.
मंगलवार को विपक्ष ने लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए. गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए. उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो. लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है. प्रस्ताव किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है. प्रस्ताव लाकर हम खुश नहीं दुखी हैं. हमें मजबूरी में ये प्रस्ताव लाना पड़ा है. गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि लोकसभा नेता प्रतिपक्ष को संसद में बोलने नहीं दिया जाता है. करीब 20 बार उनके साथ ऐसा किया गया है. विपक्ष के नेताओं को बोलने के लिए माइक नहीं मिलता है. अब माइक को भी हथियार की तरह उपयोग में लाया जा रहा है.
अमित शाह ने गोगोई के आरोपों को बताया गलत
गौरव ने कहा कि सदन की मर्यादा बचाना हमारा धर्म हैं. बस उसी धर्म को निभाने के लिए ये प्रस्ताव लाया गया है. क्योंकि देश को पता चलना चाहिए, सदन कैसे चलता है. इस सदन का दरवाजा सभी के लिए खुला है. गौरव ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि देश का आज का नेतृत्व कमजोर है. जो सवालों से भागता है.
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान बोलते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा के लिए एक जिम्मेदारी के रूप में लाया गया है, व्यक्तिगत रूप से ओम बिरला के खिलाफ नहीं है।” pic.twitter.com/zdVFZwdfzk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 10, 2026
उन्होंने कहा कि स्पीकर ने विपक्ष की आवाज दबाई है. इसी बीच अमित शाह ने बीच में गौरव गोगोई को टोका और कहा- सदन जब चुनाव में जाता है तब भी स्पीकर का ऑफिस चालू रहता है. यह पद खाली नहीं रहता है. गोगोई जो गलत मतलब निकाल रहे हैं मैं उसका खंडन करने के लिए खड़ा हुआ हूं. इस बीच संसद की कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया.
रविशंक प्रसाद ने विपक्ष के आरोपों को बताया बेबुनियाद
इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने पिछले कई सालों से डिप्टी स्पीकर को अपॉइंट नहीं किया है, जिससे कॉन्स्टिट्यूशनल वैक्यूम बन गया है. उन्होंने आगे कहा कि सदन को एक ऐसे व्यक्ति को चुनना चाहिए जो प्रस्ताव पर बहस के दौरान कार्यवाही की अध्यक्षता करेगा. जिसके बाद बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में अविश्वास प्रस्ताव चर्चा शुरू हुई. इस बीच विपक्ष ने स्पीकर पर कई आरोप लगाए. सरकार की तरफ से रविशंक प्रसाद ने कहा कि विपक्ष के आरोप और आपत्तियां बेबुनियाद हैं.
अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए 10 घंटे
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर चेयर पर बैठे BJP MP जगदंबिका पाल ने कहा कि बहस के लिए 10 घंटे दिए गए हैं, और उन्होंने सांसदों से प्रस्ताव पर टिके रहने को कहा है. उनका कहना है कि स्पीकर ने विपक्ष के प्रस्ताव के लिए परमिशन और प्रोसेस को लेकर उदारता दिखाई.
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