कहीं इंदौर न बन जाए ग्रेटर नोएडा! नलों से जहर की सप्लाई, 65 लोग अस्पताल में भर्ती।

दिल्ली

इंदौर में दूषित पानी से लोगों की मौत और बीमार होने की घटनाओं के बाद अब नोएडा प्राधिकरण भी पूरी तरह सतर्क हो गया है. ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन और अल्फा 2 सेक्टर में भी दूषित पानी पीने से 65 लोग बीमार हो गए. अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने जल आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के आदेश दिए हैं. इसके तहत पाइपलाइनों में रिसाव, जंग, सीवर मिक्सिंग और जलाशयों की गुणवत्ता की जांच के लिए एक हाईपावर तकनीकी समिति गठित की गई है. यह समिति न सिर्फ कागजी जांच करेगी बल्कि मौके पर जाकर सैंपल लेकर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी.

हाईपावर तकनीकी समिति का मुख्य काम शहर की पानी की सप्लाई से जुड़ी पूरी चेन की जांच करना है. इसमें यह देखा जाएगा कि कहीं पाइपलाइनों में जंग या लीकेज के कारण सीवर का पानी तो नहीं मिल रहा कहीं ड्रेनेज और जलापूर्ति लाइनें आपस में जुड़ तो नहीं गईं और वॉटर एटीएम व जलाशयों में सप्लाई किया जा रहा पानी मानकों पर खरा उतरता है या नहीं. अधिकारियों के अनुसार, समिति शहर के अलग-अलग सेक्टरों से सैंपल लेकर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी ताकि भविष्य में इंदौर जैसी कोई घटना नोएडा में न हो.

इसी समीक्षा बैठक में सड़कों और बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी नाराजगी जताई गई. सीईओ ने सड़क संख्या-3 सहित कई प्रमुख मार्गों का अचानक निरीक्षण कराया और साफ निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर सुधार की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए.

जन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर कार्रवाई

शहर में बढ़ती गंदगी और साफ-सफाई की खराब स्थिति को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग पर भी सख्त रुख अपनाया गया है. समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई इलाकों में नालों की सफाई ठीक से नहीं हो रही, जिससे गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. इसी लापरवाही को आधार बनाकर जन स्वास्थ्य विभाग के चार में से तीन सहायक परियोजना अभियंताओं उमेश चंद,राहुल गुप्ता और सुशील कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए मॉर्डन मशीनों और नालों की सफाई के लिए मीडियम साइज उपकरणों की खरीद के निर्देश भी जारी किए गए हैं।अधिकारियों का कहना है कि इन मशीनों के आने से सफाई कार्य में तेजी आएगी और मैन्युअल निर्भरता कम होगी जिससे स्वच्छता स्तर में सुधार होगा.

लापरवाही नहीं चलेगी, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

नोएडा प्राधिकरण की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि अब पानी सफाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि यदि समिति की रिपोर्ट में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो आगे और भी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।शहरवासियों को भरोसा दिलाया गया है कि उनकी सेहत से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा और जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित व पारदर्शी बनाया जाएगा.

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