कुरुक्षेत्र: लाडवा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक कैंसर पीड़ित युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट, दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है।
🏥 क्या है पूरा मामला?
पीड़ित युवक, जो बोन कैंसर से पीड़ित है और कीमोथेरेपी करवा रहा है, ने आरोप लगाया कि 17 जून की रात उसे पुलिसकर्मियों ने बेवजह रोका और मारपीट की। युवक का कहना है कि जब उसने विरोध किया या वीडियो बनाने की कोशिश की, तो उसे लाडवा थाने ले जाकर एक कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसकी बीमारी (कीमोथेरेपी के कारण बाल झड़ना) का मजाक उड़ाया और उसके कैंसर प्रभावित अंगों पर चोट पहुंचाई।
🩺 इलाज के दौरान खुला राज और अस्पताल में हंगामा
अगले दिन गंभीर हालत में ब्लीडिंग शुरू होने पर उसे पहले लाडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल रेफर किया गया। शनिवार रात अस्पताल में तब हंगामा मच गया, जब पुलिस पीड़ित का दोबारा मेडिकल करवाने के लिए पहुंची। पीड़ित परिजनों और विभिन्न संगठनों ने पुलिस पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया, जिससे अस्पताल में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
💸 रिश्वत का पुराना विवाद और कार्रवाई
युवक ने यह भी आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई पुरानी रंजिश का नतीजा है। उसने दावा किया कि पूर्व में एक अन्य मामले में उसका नाम निकालने के बदले एक एएसआई ने उससे रिश्वत मांगी थी, जिसे देने से उसने इनकार कर दिया था। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसआई संजीव कुमार, एएसआई राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को निलंबित कर दिया है।
⚖️ SIT जांच पर सबकी निगाहें
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दुष्कर्म और मारपीट के आरोपों की विस्तृत जांच के लिए SIT गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब जिले में चर्चा का केंद्र बन गया है और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।
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