हरियाणा: हरियाणा की मिट्टी से एक बार फिर प्रतिभा उभरकर सामने आई है। सिलाना गांव की बेटी रुपांशी (इशु) ने अंडर-17 नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप के 53 किलोग्राम भारवर्ग के फ्री-स्टाइल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। अपनी इस जीत से रुपांशी ने न केवल अपने गांव का, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है।
💪 9 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर
रुपांशी ने बताया कि उनके गांव में जब अखाड़ा खुला था, तब वे महज 9 साल की उम्र में शौक-शौक में वहां पहुंच गई थीं। उस समय अखाड़े में अकेली लड़की होने के कारण लोगों को थोड़ा संकोच था, लेकिन उनके माता-पिता ने रुपांशी के सपनों पर भरोसा जताया और उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित किया।
🏠 साधारण परिवार, असाधारण सफलता
रुपांशी का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से है। उनके पिता तिलक राज गांव में हलवाई का काम करते हैं और उनकी मां एक गृहिणी हैं। रुपांशी ने अपनी खेल प्रतिभा से यह साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो आर्थिक परिस्थितियां सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बनतीं। गांव लौटने पर रुपांशी का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार अभिनंदन किया गया।
🎯 अगला लक्ष्य: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक
अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच अमित कुमार को देते हुए रुपांशी ने कहा कि वे अब अपनी अगली चुनौती के लिए तैयार हैं। उनका लक्ष्य 14 जून को होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के ट्रायल को पास करना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीत सकें।
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