देवास: मध्य प्रदेश के देवास स्थित खिवनी अभयारण्य में पिछले एक दशक से राज कर रहे अल्फा मेल टाइगर ‘युवराज’ का दौर अब खत्म हो गया है। हाल ही में हुए एक हिंसक टेरिटोरियल फाइट (क्षेत्रीय अधिकार की लड़ाई) में युवा टाइगर ‘अधिराज’ ने युवराज को करारी शिकस्त दी है। इस संघर्ष के बाद अधिराज अब जंगल का नया राजा बन गया है।
⚔️ खूनी संघर्ष: युवराज की हार और अधिपत्य का अंत
युवराज और अधिराज के बीच हुई यह फाइट बेहद खूनी थी। वन विभाग के अनुसार, युवा बाघ अधिराज की ताकत और फुर्ती के आगे उम्रदराज युवराज टिक नहीं पाया। संघर्ष में युवराज के पैर और पंजों पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण वह चलने में भी असमर्थ हो गया। घायल अवस्था में उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिसे एक पर्यटक ने अपने कैमरे में कैद किया था।
🚑 रेस्क्यू ऑपरेशन: भोपाल शिफ्ट हुआ घायल टाइगर
खिवनी में हाथियों की अनुपलब्धता के कारण युवराज का रेस्क्यू काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता और वन विभाग की टीम ने लगभग चार घंटे के संघर्ष के बाद टाइगर को ट्रैक्यूलाइज किया। इसके बाद उसे सुरक्षित भोपाल शिफ्ट कर दिया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
🌿 जंगल का प्राकृतिक चक्र
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष जंगल की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। आमतौर पर 10 साल की उम्र के बाद अल्फा मेल बाघ कमजोर पड़ने लगते हैं, जिसका फायदा उठाकर 4-5 साल के युवा बाघ उनके क्षेत्र पर कब्जा करने की चुनौती देते हैं। युवराज, जो खिवनी के सात बाघों के कुनबे का जनक रहा है, ने इस अभयारण्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई थी। अब सभी को उसके स्वस्थ होकर लौटने का इंतजार है।
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