वाराणसी में मनरेगा बचाओ आंदोलन पर बवाल मच गया. पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और NSUI अध्यक्ष वरुण चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. इस पूरे मामले में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया का कहना है कि मनरेगा बचाओ संग्राम मार्च बनारस हिंदू विश्वविद्यालय लंका गेट से प्रधानमंत्री कार्यालय तक प्रस्तावित था. मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से हो रहा था.
इस दौरान पुलिस ने NSUI के छात्रों और कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता की. उन पर लाठीचार्ज किया. इस दौरान करीब 100 छात्र और कार्यकर्ता घायल हो गए. इसके बाद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया.
NSUI का आरोप है कि बीते कल से ही वाराणसी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा छात्रावासों और छात्र आवासों पर छापेमारी की जा रही थी. कई छात्रों को घर में नजरबंद कर दिया गया, जबकि अनेक छात्रों को जबरन उठाकर थानों में ले जाया गया, जिससे भय और दमन का माहौल बनाया गया. मोदी-योगी सरकार और पुलिस तंत्र ने मिलकर प्रदेश को अघोषित आपातकाल में बदल दिया है. इसके बावजूद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता इस शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हुए.
छात्रों पर लाठीचार्ज
आज एक शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज किया गया, छात्रों को बेरहमी से पीटा गया और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वरुण चौधरी को गिरफ़्तार कर लिया गया।
यह दमन साफ़ बताता है कि सत्ता अब सच और सवालों से डरने लगी है। योगी – मोदी सरकार कान खोलकर सुन ले, हर लाठी के जवाब में सड़क पर pic.twitter.com/ssVyptgPdJ
— Ajay Rai🇮🇳 (@kashikirai) January 11, 2026
जहां भी अन्याय जड़ जमाएगा, वहीं से हमारा प्रतिरोध उठेगा- वरुण चौधरी
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है. यह भारत के बहुजन समाज के लिए जीवनरेखा और अस्तित्व का सवाल है. प्रधानमंत्री की अपनी लोकसभा सीट वाराणसी में, मनरेगा पर शांतिपूर्ण विरोध के जवाब में मोदी सरकार ने लाठीचार्ज और दमन का रास्ता चुना.
चौधरी ने कहा कि यह छात्रों, युवाओं और हाशिये पर खड़े समाज की वैध आवाजों से सत्ता के डर को उजागर करता है. यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कोई लाठी, कोई गिरफ्तारी और कोई दमन आदिवासी, दलित और बहुजन समाज की आवाज को दबा नहीं सकता. मैं इस संघर्ष में अडिग हूं. तानाशाहों को संदेश है कि जहां भी अन्याय जड़ जमाएगा, वहीं से हमारा प्रतिरोध उठेगा और क्रांति लिखी जाएगी.
NSUI का कहना है कि वह इस असंवैधानिक पुलिस बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा करती है और मनरेगा की रक्षा और रोजगार के संवैधानिक अधिकार की हिफाजत के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन को और तेज करने के अपने संकल्प को दोहराती है.
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