रतलाम: करणी सेना और प्रशासन के बीच चल रहा टकराव अब आंदोलन का रूप ले रहा है. रतलाम कलेक्ट्रेट परिसर के घेराव के लिए पहुंचे जीवन सिंह शेरपुर और उनके समर्थकों को रतलाम के बाहर ही सड़क पर रोके जाने के बाद करणी सेना ने सड़क पर ही टेंट और बिस्तर लगा लिए हैं. उनका कहना है कि प्रशासन जब तक उन्हें कलेक्ट्रेट जाने से रोकेगा, तब तक वह सड़क पर ही आंदोलन करेंगे. दिल्ली की सीमा पर हुए किसान आंदोलन की तर्ज पर ही करणी सैनिकों ने भी सड़क पर ही डेरा डाल दिया है.
प्रदर्शनकारियों के नेता जीवन सिंह शेरपुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता ने सड़क पर ही खुले आसमान के नीचे रात बिताई और करणी सैनिकों को पूरी सब्जी बनाकर सड़क पर पंगत लगाकर भोजन भी करवाया गया है.
मांगे नहीं माने जाने तक भूख हड़ताल का एलान
खनिज विभाग की गलत कार्रवाई, कंजर समस्या और देह व्यापार के अवैध अड्डे के खिलाफ जावरा क्षेत्र के लोगों के साथ जीवन सिंह शेरपुर रतलाम कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए रतलाम पहुंचे थे. कलेक्ट्रेट जाने से रोके जाने पर सिटी फोरलेन पर ही करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर धरने पर बैठ गए हैं. जिला प्रशासन द्वारा 11 सूत्रीय मांगों के माने जाने तक भूख हड़ताल पर रहने और सड़क पर ही आंदोलन करने की घोषणा जीवन सिंह शेरपुर कर चुके हैं.
करणी सैनिकों ने लगाए टेंट तंबू और बनाया भोजन
जिला प्रशासन के विरोध में जैसे ही सड़क पर धरने की घोषणा हुई, उसके कुछ ही देर में करणी सैनिकों ने साधन जुटाना शुरू कर दिए. पीने के पानी की व्यवस्था और सोने के लिए गद्दे की व्यवस्था कुछ ही घंटे में हो गई. इसके बाद भोजन व्यवस्था भी की गई. खुद जीवन सिंह शेरपुर ने कार्यकर्ताओं के लिए पूरी-सब्जी बनाई और सड़क पर ही पंगत लगाकर करणी सैनिकों ने भोजन किया. जीवन सिंह शेरपुर के सड़क पर ही धरना शुरू कर देने के बाद आसपास के जिलों से भी करणी सेना परिवार के कार्यकर्ता रात से ही जुटना शुरू हो गए हैं. जिसके बाद आज करणी सेना का बड़ा जमावड़ा प्रदर्शन स्थल पर होने की संभावना है.
बहरहाल लगातार दूसरे दिन पूरा जिला प्रशासन और पुलिस फोर्स करणी सेना के इस प्रदर्शन को रोकने में जुटा हुआ है. वहीं, शहर के सभी एंट्री रोड और कलेक्ट्रेट के आसपास की गई ही बैरिकेडिंग की वजह से आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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