आज मैं बाबा महाकाल के दूसरी बार दर्शन करने उज्जैन आई हूं. बाबा महाकाल के जितने भी बार दर्शन किए जाएं मन नही भरता ऐसा लगता है कि यहां बार-बार दर्शन करने के लिए आना चाहिए मैं पहले भस्म आरती के दर्शन करने मंदिर आ चुकी हूं लेकिन आज फिर मुझे दर्शन की इच्छा हुई और मैं यहां दौड़ी चली आई… यह बात प्रसिद्ध कथा वाचक जया किशोरी ने आज बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद मीडिया से कहीं.
महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़ीया ने बताया कि प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी आज बाबा महाकाल के दर्शन करने मंदिर पहुंची थी, जिन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान का पूजन अर्चन किया. उसके बाद उनकी भक्ति में लीन नजर आईं. पूजन अर्चन के दौरान उन्होंने मस्तक पर तिलक लगवाया. गले में महाकाल का पंछा पहना और फिर दोनों हाथ जोड़कर मंत्रो का जाप करते हुए दिखाई दीं. बाबा महाकाल का पूजन और दर्शन करने के बाद आपने नंदी जी का भी पूजन अर्चन किया और उनके कानों में अपनी मनोकामना भी कही. कथावाचक जया किशोरी का इस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से स्वागत एवं सत्कार भी किया गया.
दर्शन व्यवस्था को बताया सबसे बेहतर
मीडिया से चर्चा करते हुए कथावाचक जया किशोरी ने कहा कि श्री महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन व्यवस्था काफी अच्छी है. मैं समय-समय पर कई मंदिरों में दर्शन करने जाती हूं, लेकिन जितनी अच्छी दर्शन व्यवस्था महाकाल मंदिर की है इतनी और कहीं नहीं. दर्शन के दौरान आज मैंने यहां कि पूरी व्यवस्था को देखा मंदिर में श्रद्धालु कहीं से भी दर्शन करें, उन्हें बाबा महाकाल के बहुत सुंदर दर्शन हो रहे हैं. चाहे वो बीच में हों, आगे हों या पीछे हों या फिर अंतिम पंक्ति में. सभी बाबा महाकाल के दर्शन कर अपने आपको धन्य महसूस कर रहे थे.
जया किशोरी को देख खुश हो गए श्रद्धालु
कथावाचक जया किशोरी ने आज नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल के दर्शन किए. बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद जैसे ही जया किशोरी मंदिर से बाहर की ओर निकलने लगी तभी उन्हें देखकर प्रशंसक उनके पास पहुंच गए, जहां कुछ लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया. तो कुछ ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाए. कुछ श्रद्धालुओं का कहना था कि अब तक उन्होंने जया किशोरी को सिर्फ और सिर्फ टीवी पर ही देखा है. लेकिन आज पहला मौका था जब उन्हें बाबा महाकाल के साथ ही जया किशोरी के दर्शन करने का भी सौभाग्य मिला.
पहले भी आ चुकी हैं दर्शन करने
कथा वाचक जया किशोरी ने बताया कि वह पहले भी बाबा महाकाल के दर्शन करने आ चुकी हैं. इसके पहले उन्होंने भस्म आरती में बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए थे. बस तभी से उन्हें ऐसी लगन लगी की वह मौका मिलते ही बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आ पहुंचीं.
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