बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली बड़ी चुनावी अग्निपरीक्षा कामयाबी के साथ पास कर ली है। विधान परिषद (MLC) की 7 सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि विपक्षी दल BJP को महज 2 सीटों से संतोष करना पड़ा। गठबंधन सहयोगी JDS के उम्मीदवार की हार ने राज्य की विपक्षी राजनीति में खलबली मचा दी है।
🔢 अंकों का गणित और क्रॉस-वोटिंग
चुनाव नतीजों ने विपक्षी खेमे में भारी असंतोष की पोल खोल दी है। कांग्रेस को अपनी संख्या बल (140) से 11 वोट अधिक यानी कुल 151 वोट मिले। सूत्रों के अनुसार, BJP के 3 और JDS के 8 विधायकों ने कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की। कांग्रेस के विनय कार्तिक प्रकाश को उम्मीद से बढ़कर 32 वोट मिले, जो शिवकुमार के संगठनात्मक कौशल का प्रमाण माना जा रहा है।
📊 विधान परिषद में अब कांग्रेस का पलड़ा भारी
इस जीत के साथ ही विधान परिषद में कांग्रेस की स्थिति और मजबूत हो गई है:
-
कांग्रेस: संख्या बढ़कर 39 हुई।
-
BJP: संख्या घटकर 28 रह गई।
-
JDS: संख्या घटकर 6 तक सिमटी।
🗣️ क्या बोले सीएम डी.के. शिवकुमार?
क्रॉस-वोटिंग के आरोपों पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने साधे अंदाज में कहा कि उन्होंने किसी भी विपक्षी विधायक से समर्थन नहीं मांगा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव गुप्त मतदान के जरिए हुआ है, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि किसने किसे वोट दिया है।
📉 विपक्ष के लिए क्यों है यह बड़ा झटका?
यह परिणाम BJP के लिए अंदरूनी कलह और राज्य नेतृत्व के प्रति बढ़ते असंतोष का संकेत है। वहीं, वोक्कालिगा समुदाय के कद्दावर नेता शिवकुमार के सीएम बनने के बाद, JDS के लिए यह चुनाव उनकी खोती हुई पकड़ को दर्शाता है। विधान परिषद की इन सीटों पर जीत कांग्रेस सरकार के लिए आगामी विधानसभा सत्रों में विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मददगार साबित होगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
