सरगुजा: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर रेहाना फाउंडेशन द्वारा गांधी सुमिरन का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात विचारक, वक्ता व कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने की. इस दौरान शहर के महामाया चौक से मौन रैली निकाली गई. मौन रैली नगर भ्रमण करते हुए गांधी चौक पहुंची जहां कन्हैया कुमार, आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, बाल कृष्ण पाठक, शफी अहमद व अन्य नेताओं के नेतृत्व में शाम 5.10 बजे उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और माल्यार्पण किया गया.
अंबिकापुर में कन्हैया कुमार
इसके साथ ही गांधी चौक से रैली माता राजमोहनी देवी भवन पहुंची जहां विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. विचार गोष्ठी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा. इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि बापू ने सत्य और अहिंसा का मार्ग बताया है. यह देश ही नहीं पूरी दुनिया और मानवता के लिए एक मंत्र और संकल्प है. उनके बलिदान दिवस के दिन मां महामाया की धरती पर उस संकल्प को दोहराएंगे. कन्हैया ने कहा कि एक गंभीर विषय है कि भारत में लोकतंत्र-जनतंत्र का क्या होगा, इस विषय पर राय मशविरा करेंगे. मैं यहां कोई ज्ञान देने या राजनीति करने नहीं आया बल्कि अपने भाइयों से मिलने आया हूं.
भारत का लोकतंत्र जनतंत्र ही बना रहे गनतंत्र ना बने और गोडसे की हिंसा और नफरत का विचार जिस तरह से देश में फैल रहा है इसे रोका जाए. यही बापू को उनके बलिदान दिवस के दिन सच्ची श्रद्धांजलि होगी- कन्हैया कुमार
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर रेहाना फाउंडेशन द्वारा गांधी सुमिरन का आयोजन किया गया. जिसके लिए कन्हैया कुमार महामाया की नगरी में आए. उन्होंने कहा कि हमारी लोकतंत्र की व्यवस्था, देश के हालत और गंभीर विषय समाज के समक्ष खड़े हुए है. इस संदर्भ में गांधी जी की विचारधारा, उनकी सोच, उनके मूल्य और सिद्धांत कितने जरुरी है इसके बारे में कन्हैया कुमार बताने यहां आए हैं.
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