झारखंड के गिरिडीह जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पारसनाथ पहाड़ी के दुर्गम इलाके से जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह रिकवरी हाल के वर्षों में नक्सलियों के खिलाफ सबसे अहम सफलताओं में गिनी जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर भालकी और कानेडीह क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जहां करीब 15 फीट गहराई में दबाकर रखे गए हथियारों को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन में बीडीडीएस टीम की भी अहम भूमिका रही, जिससे पूरे इलाके को सुरक्षित तरीके से खंगाला गया।
बरामद हथियार और सामग्री
सुरक्षा बलों को मौके से जो सामग्री मिली है, उसमें शामिल हैं—
- 303 बोल्ट एक्शन सिंगल शॉट राइफल – 11
- 22 बोर राइफल – 9
- हैंड ग्रेनेड – 6
- एसएलआर ग्रेनेड प्रोजेक्टर – 1
- एएमएन बॉक्स – 1
- चार्जर क्लिप – 30
- इलेक्ट्रिक कॉपर वायर – 2 बंडल
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इनमें से कुछ हथियार वे हो सकते हैं, जो वर्ष 2008 में पचंबा थाना क्षेत्र स्थित होमगार्ड कैंप से नक्सलियों द्वारा लूटे गए थे। उस समय गौशाला मेले की आड़ में किए गए हमले में बड़ी संख्या में राइफलें लूट ली गई थीं।
ऑपरेशन की पूरी रणनीति
शनिवार को गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार, एएसपी सुरजीत कुमार, सीआरपीएफ कमांडेंट कुमार ओमप्रकाश सिंह और डीएसपी कोसर अली ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला था कि नक्सली दोबारा इलाके में सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के बाद सुरक्षा बलों ने योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई से नक्सलियों की रणनीति को बड़ा झटका लगा है और उनके नेटवर्क को कमजोर किया गया है। यह सफलता केंद्र और राज्य सरकार की नक्सलवाद के खिलाफ सख्त नीति का सीधा परिणाम मानी जा रही है।
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