छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी झारखंड सरकार: JSSC-CGL और JPSC परीक्षाएं रद्द, 16वें दिन टूटी भूख ह

झारखण्ड

रांची (झारखंड): राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा व्यापक छात्र आंदोलन उस मुकाम पर पहुंच गया है, जहां राज्य सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार के तहत कड़े कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट स्तर पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विवादित एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) से जुड़ी सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इसके अंतर्गत TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, उनके जारी परिणाम, चयनित अभ्यर्थियों की सूची और आगे की चयन प्रक्रियाएं अब पूरी तरह शून्य मानी जाएंगी।

❌ JSSC-CGL परीक्षा भी पूरी तरह रद्द, हजारों अभ्यर्थियों के चयन पर असर

मुख्यमंत्री ने छात्रों के व्यापक असंतोष को देखते हुए JSSC-CGL (झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा) को भी पूरी तरह रद्द करने की औपचारिक घोषणा की।

कैबिनेट के इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद JSSC-CGL के तहत हुई परीक्षा, परिणाम और आगामी ज्वाइनिंग प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। इस फैसले का सीधा प्रभाव उन हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ा है जो इस चयन प्रक्रिया का हिस्सा थे या चयनित हो चुके थे। वहीं चयनित अभ्यर्थियों के एक वर्ग ने इस फैसले का विरोध करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।

🔍 SIT और CID जांच में चौंकाने वाले खुलासे, 2014 से अब तक की सभी भर्तियों की होगी जांच

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई का हवाला देते हुए बताया कि एसआईटी (SIT) और सीआईडी (CID) की जांच में संगठित सिंडिकेट के संकेत मिले हैं।

जांच में सामने आया कि पूर्व में CGL प्रक्रिया से चयनित कुछ लोग JPSC परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार हो रहे हैं, जो एक बड़े भर्ती रैकेट की ओर इशारा करता है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की स्वतंत्र और सघन CID जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एमएमडीआर (MMDR) एक्ट में संशोधनों को लेकर आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।

🥣 16वें दिन भूख हड़ताल समाप्त, मंत्रियों की मौजूदगी में छात्रों ने तोड़ा अनशन

सरकार के इस फैसले के बाद रांची में आंदोलनरत अभ्यर्थियों में खुशी की लहर देखी गई, हालांकि छात्र नेताओं ने कहा कि परीक्षा सुधार की यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

सदर अस्पताल में झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और दीपिका पांडे सिंह तथा विधायक जयराम महतो की पहल के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने अपने 16 दिनों से चल रहे आमरण अनशन को समाप्त किया। छात्र नेताओं ने कहा कि उन्होंने संवैधानिक और शांतिपूर्ण आंदोलन से अपनी मांगों को मनवाया है, हालांकि स्थायी भर्ती कैलेंडर और सुधारों के लिए वे संघर्ष जारी रखेंगे।

⚖️ छात्रों की मांगों पर स्थिति: कहां बनी सहमति और कहां नहीं?

  • JPSC विवादित परीक्षाएं रद्द करने की मांग: स्वीकृत (मंजूर)

  • JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग: स्वीकृत (मंजूर)

  • भ्रष्टाचार व रिश्वत के मामलों की ED जांच: स्वीकृत (मंजूर)

  • दागी व ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों पर रोक: स्वीकृत (मंजूर)

  • भर्ती मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट: स्वीकृत (मंजूर)

  • JPSC मामलों की CBI जांच: अस्वीकृत (खारिज)

  • निश्चित वार्षिक भर्ती कैलेंडर: इस पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी

📋 TDPL से जुड़ी रद्द की गईं कुल 15 प्रमुख परीक्षाओं की सूची

JPSC (10 प्रमुख परीक्षाएं):

  • संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (रेगुलर)

  • संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (बैकलॉग)

  • संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT)

  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती

  • सहायक लोक अभियोजक (APP बैकलॉग)

  • इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज भर्ती

  • परियोजना प्रबंधक भर्ती

  • सहायक लोक अभियोजक (APP रेगुलर)

  • बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा

  • झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)

JSSC (5 प्रमुख परीक्षाएं):

  • JGGLCCE (JSSC-CGL) परीक्षा

  • झारखंड तकनीकी / विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा

  • झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा

  • झारखंड वनरक्षक प्रतियोगिता परीक्षा

  • झारखंड PGT शिक्षक नियुक्ति परीक्षा

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