रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने ‘इंडिया गठबंधन’ (INDIA Block) के भीतर चल रहे अंतर्विरोधों को सतह पर ला दिया है। गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत (56 वोट) होने के बावजूद कांग्रेस की एक सीट हारना अब जेएमएम, आरजेडी और कांग्रेस के बीच बड़े सियासी विवाद का कारण बन गया है।
🗳️ क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक चूक का असर
चुनाव नतीजों में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणब झा को भारी नुकसान हुआ। गठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल होने के बावजूद, आरजेडी के विधायकों और माले के सदस्यों द्वारा क्रॉस वोटिंग की गई। सूत्रों के अनुसार, आरजेडी के 4 में से 3 विधायकों और माले के 2 विधायकों ने गठबंधन के खिलाफ जाकर वोट किया। वहीं, जेएमएम ने अपने उम्मीदवार को 30 वोट डलवाकर कांग्रेस की स्थिति को और कमजोर कर दिया, जिससे प्रणब झा केवल 20 वोटों पर सिमट कर रह गए।
🤝 सोरेन का रुख और गठबंधन में बढ़ती तल्खी
कांग्रेस नेतृत्व इस बात से खासी नाराज है कि चुनाव परिणाम के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को बधाई दी, लेकिन गठबंधन के प्रत्याशी की हार पर कोई दुख नहीं जताया। कांग्रेस आलाकमान इसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अनदेखी के रूप में देख रहा है।
🔮 गठबंधन का भविष्य और चुनौतियां
यह हार गठबंधन की एकजुटता के लिए एक बड़ा संकेत है। कांग्रेस अब आरजेडी और माले के केंद्रीय नेतृत्व से उन विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की। जेएमएम, आरजेडी, माले और कांग्रेस के बीच बढ़ती यह तल्खी आने वाले चुनावों में गठबंधन की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व इस आपसी कलह को थामने में सफल होगा या दरार और गहरी होगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad