जालंधर: जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के 2 कथित ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों पर जालंधर के प्रमुख रैडक्रॉस भवन की बाहरी दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने का गंभीर आरोप है। इस बात की जानकारी जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है।
🎥 पन्नू ने सोशल मीडिया पर वायरल किया था वीडियो
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जालंधर ग्रामीण क्षेत्र के गांव निहालुवाल निवासी सुखप्रीत सिंह और राजदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
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क्या था मामला: गत 29 सितंबर को जालंधर स्थित रैडक्रॉस भवन की बाहरी दीवार पर खालिस्तान समर्थक आपत्तिजनक नारे लिखे हुए पाए गए थे। इसके तुरंत बाद प्रतिबंधित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इस घटना से जुड़ा एक भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की। डीसीपी सिटी आदित्य वारियर, डीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) मनप्रीत सिंह ढिल्लों और थाना प्रभारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने तकनीकी सहायता से दोनों संदिग्धों की पहचान कर उन्हें धर दबोचा।
🗿 बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने की बात भी आई सामने
पुलिस कमिश्नर सतिंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सुखप्रीत सिंह और राजदीप सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। इस दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने गत 14 और 15 सितंबर की मध्यरात्रि को होशियारपुर के चब्बेवाल के निकट गांव बरियां कलां में भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के साथ भी तोड़फोड़ की थी। इस संबंध में थाना चब्बेवाल में पहले से ही मामला दर्ज है। वहीं, जालंधर में हुई ताजा घटना के संबंध में थाना डिवीजन नंबर-6 में मुकदमा दर्ज कर आगे की कड़ी पूछताछ की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा।
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