जबलपुर-भोपाल NH-45 पर बंद ढाबे में चल रहा था अवैध गैस रिफिलिंग का काला खेल: पुलिस का छापा, 3 गिरफ्तार और 28 सिलेंडर जब्त

मध्य प्रदेश

रायसेन / जबलपुर (मध्य प्रदेश): जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) पर स्थित एक बंद पड़े ढाबे की आड़ में चल रहे अवैध एलपीजी (LPG) गैस रिफिलिंग के बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

आलमपुर गांव स्थित बंद पड़े ‘राजधानी ढाबे’ में भारी गैस कैप्सूल टैंकरों से अवैध रूप से कमर्शियल सिलेंडरों में एलपीजी गैस भरी जा रही थी। सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक (SP) आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गौहरगंज थाना प्रभारी विनोद परमार के नेतृत्व में रात में अचानक दबिश दी। मौके से 3 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो गैस कैप्सूल वाहनों के चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से एचपी (HP) कंपनी के 2 बड़े एलपीजी कैप्सूल वाहन, 28 गैस सिलेंडर, एक बोलेरो पिकअप और गैस ट्रांसफर करने के अवैध उपकरण जब्त किए हैं।

🔧 विशेष नोजल से एक साथ 5 सिलेंडरों में भरते थे गैस: बोलेरो पिकअप से होती थी सप्लाई

रिफिलिंग का तरीका और उपकरण जब्ती:

  • विशेष नोजल सिस्टम: जांच में सामने आया कि वाहन क्रमांक MP 04 HE 5156 और MP 04 HE 5174 से विशेष प्रकार के कस्टमाइज्ड नोजल-पाइप के जरिए गैस निकाली जा रही थी, जिससे एक साथ 3 से 5 कमर्शियल सिलेंडरों को तेजी से भरा जा सकता था।

  • परिवहन और उपकरण: ढाबे परिसर में चारों तरफ खाली सिलेंडर छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें बोलेरो पिकअप वाहन के माध्यम से लाया और ले जाया जाता था।

  • इलेक्ट्रॉनिक तराजू जब्त: पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, प्रेशर पाइप और गैस रिफिलिंग के अवैध टूल्स भी बरामद किए हैं।

⛽ दोनों कैप्सूल में लगभग 10 टन LPG होने की संभावना: HPCL जांच में जुटी

गैस की मात्रा और तकनीकी जांच:

  • 10 टन गैस का अनुमान: प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों कैप्सूल वाहनों में लगभग 5-5 टन (कुल 10 टन) एलपीजी गैस मौजूद होने का अनुमान है।

  • एचपीसीएल से संपर्क: पुलिस ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के अधिकारियों को सूचना दे दी है, जो टैंकरों में शेष गैस की सही मात्रा, लोडिंग पॉइंट और डिलीवरी डेस्टिनेशन की तकनीकी पड़ताल करेंगे।

🚚 जबलपुर बॉटलिंग प्लांट जाने वाले टैंकरों पर थी नजर: प्लांट के कर्मचारियों पर भी संदेह

रैकेट का नेटवर्क और कार्यप्रणाली:

  • किराए पर लिया था ढाबा: मुख्य आरोपी रोशन लोधी और फिरोज अहमद ने लगभग एक वर्ष पूर्व इस बंद पड़े ढाबे को किराए पर लेकर इस अवैध धंधे का केंद्र बनाया था।

  • प्लांट पहुंचने से पहले चोरी: जबलपुर स्थित एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की ओर जाने वाले कई कैप्सूल वाहन इसी रूट से गुजरते हैं। आशंका है कि प्लांट में खाली होने से पहले ही मिलीभगत कर ढाबे पर कुछ मात्रा में गैस निकाल ली जाती थी।

  • नेटवर्क की जांच: पुलिस अब वाहन मालिकों, फरार चालकों और बॉटलिंग प्लांट से जुड़े संदिग्ध कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

⚖️ आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: फरार चालकों की तलाश तेज

गिरफ्तार आरोपी और कानूनी कार्रवाई:

  • गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने ठीकरी निवासी फिरोज अहमद (34 वर्ष), राहुल नगर सतलापुर निवासी रोशन लोधी (38 वर्ष) और अरुण लोधी (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

  • पुराना रिकॉर्ड: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रोशन लोधी पूर्व में भी अवैध गैस रिफिलिंग और संबंधित आपराधिक मामलों में पकड़ा जा चुका है।

  • फरार चालकों की खोज: थाना प्रभारी ने बताया कि फरार वाहन चालकों की पहचान के लिए ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों से रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है तथा आवश्यक धाराओं में मामला दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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