इजराइल के साथ 12 दिन तक चले जंग के बाद ईरान ने शुक्रवार को एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमता का बड़ा प्रदर्शन किया. देश के सरकारी टीवी ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ओमान सागर और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के करीब बड़े पैमाने पर मिसाइलें दागीं.
यह अभ्यास दो दिन से चल रहा है और इसे बेहद रणनीतिक माना जा रहा है. ईरान ने बताया कि मिसाइलें देश के अंदरूनी इलाकों में स्थित भूमिगत ठिकानों से दागी गईं और उन्होंने ओमान सागर में अपने तय लक्ष्यों को सटीकता से भेदा.
किन मिसाइलों को दागा गया?
IRGC ने जिन मिसाइलों का इस्तेमाल किया, उनमें शामिल हैं- Qadr-110,Qadr-380, Ghadir Cruise Missile. इन मिसाइलों की मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर तक बताई गई है, जो पूरे पश्चिम एशिया में खतरे का पैमाना बढ़ा देती है. इसके अलावा ईरान ने 303 नामक एक बैलिस्टिक मिसाइल भी दागी, हालांकि उसके बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई. टीवी फुटेज में मिसाइलों के लॉन्च और टारगेट पर लगने के वीडियो दिखाए गए, जो ईरान की सैन्य क्षमता का स्पष्ट संकेत माने जा रहे हैं.
इजराइल-ईरान युद्ध के बाद दूसरी बड़ी ड्रिल
ये सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हो रहे हैं जब जून में हुए इजराइल-ईरान युद्ध में ईरान के करीब 1,100 लोग मारे गए थे, जिनमें कई उच्च स्तरीय सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक शामिल थे. वहीं, ईरान के मिसाइल हमलों में इज़राइल में 28 लोगों की मौत हुई थी. युद्ध के बाद से ईरान खुलकर कह रहा है कि अगर इजराइल दोबारा हमला करता है, तो वह उससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. इसी रणनीति के तहत ईरान ने अगस्त में पहली नौसैनिक ड्रिल की थी और अब यह दूसरी बड़ी कवायद है।
हॉर्मुज जंक्शन पर बढ़ी हलचल, दुनिया की नजरें खाड़ी पर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइनों में से एक है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है. इस इलाके में मिसाइल परीक्षण और सैन्य अभ्यास से अमेरिका, इज़राइल, खाड़ी देश और वैश्विक मार्केट सभी में बेचैनी बढ़ जाती है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad