जल संकट से जूझते इंदौर में भूजल स्तर को सहेजने के लिए नगर निगम ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। शहर में अब घरों और व्यावसायिक इमारतों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर प्रॉपर्टी टैक्स में 10% की छूट दी जाएगी। मध्य प्रदेश के किसी भी शहर में जल संरक्षण को प्रोत्साहन देने की यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका लाभ इंदौर वासियों को इसी वित्तीय वर्ष से मिलेगा।
📉 क्यों पड़ी इस पहल की जरूरत?
इंदौर में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। इस साल भीषण गर्मी के दौरान शहर में 6,000 से अधिक बोर सूख चुके हैं। शहर का 60% हिस्सा ऐसे क्षेत्र में आ गया है जहाँ भूजल स्तर 560 फीट से नीचे चला गया है। इंदौर फिलहाल जल संकट के ‘क्रिटिकल जोन’ में है, जहाँ भूजल दोहन 119% तक पहुँच चुका है। नगर निगम का पूर्व में चलाया गया स्वैच्छिक वॉटर हार्वेस्टिंग अभियान जनता की भागीदारी की कमी के कारण पूरी तरह सफल नहीं हो पाया था।
🏢 किन्हें मिलेगा प्रॉपर्टी टैक्स में छूट का लाभ?
यह रियायत केवल छोटे मकानों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े परिसरों के लिए भी है:
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पात्रता: 1500 वर्ग फीट या इससे बड़े आकार के सभी रहवासी मकान, कॉरपोरेट बिल्डिंगें, बड़ी इमारतें और व्यावसायिक परिसर।
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प्रक्रिया: सिस्टम लगवाने के बाद नगर निगम का बिल्डिंग परमिशन विभाग स्थल निरीक्षण (Site Inspection) करेगा। रिपोर्ट सही पाए जाने पर संपत्ति कर खाते में 10% की छूट दर्ज कर दी जाएगी।
⚠️ नियम और शर्तें: सिस्टम बंद तो छूट भी बंद
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सतत जल संचयन के लिए है। नगर निगम समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग करेगा।
“प्रॉपर्टी टैक्स में छूट तभी तक मान्य होगी जब तक वॉटर रिचार्ज सिस्टम सतत रूप से संचालित पाया जाएगा। यदि भविष्य में जांच के दौरान वर्षा जल संचयन प्रणाली बंद या निष्क्रिय पाई जाती है, तो आगामी वित्तीय वर्ष से कर छूट स्वतः समाप्त कर दी जाएगी।” — पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर
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