Indore Crime News: इंदौर में हाई कोर्ट की फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी; फर्जी जॉइनिंग लेटर बनाने वाली कैफे संचालिका गिरफ्तार

मध्य प्रदेश

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हाई कोर्ट (High Court) में सहायक क्लर्क की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम ऐंठने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी रैकेट की मुख्य महिला सदस्य को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि इंटरनेट कैफे संचालित करने वाली इसी युवती ने ही अपने कंप्यूटर पर हाई कोर्ट का हूबहू दिखने वाला फर्जी नियुक्ति पत्र (Fake Appointment Letter) तैयार किया था। गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में मुख्य पुरुष आरोपी को पुलिस द्वारा पूर्व में ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

📂 फरियादी स्वाति बाथम की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला: खुद को हाई कोर्ट का कर्मचारी बताकर ऐंठे थे ₹25,000 नगद

तुकोगंज थाना प्रभारी (TI) जितेंद्र चौहान के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एक पीड़ित युवती की शिकायत के बाद शुरू हुई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बीती 29 अप्रैल को फरियादी स्वाति बाथम ने थाने पहुंचकर आरोपी लक्ष्मण मेहरा के खिलाफ धोखाधड़ी की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित स्वाति ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपी लक्ष्मण मेहरा ने स्वयं को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का स्थाई कर्मचारी बताया था। उसने स्वाति को झांसा दिया कि उसकी ऊपर तक ऊंची सेटिंग है और वह उसे हाई कोर्ट में सहायक क्लर्क (Assistant Clerk) के पद पर सीधी सरकारी नौकरी दिलवा देगा। इस झांसे में लेकर आरोपी ने स्वाति से ₹25,000 नगद ऐंठ लिए और बाद में उसे पूरी तरह फर्जी और जाली नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब पीड़िता जॉइनिंग के संबंध में जानकारी जुटाने पहुंची, तब उसे ठगी का अहसास हुआ।

💻 कैफे की आड़ में चल रहा था फर्जी दस्तावेजों का काला खेल: पुलिस कर रही है गिरोह के अन्य शिकार युवाओं की तलाश

थाना प्रभारी जितेंद्र चौहान ने आगे बताया कि मुख्य आरोपी लक्ष्मण मेहरा की गिरफ्तारी के बाद जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इस गिरोह की महिला सदस्य का नाम सामने आया। आरोपी महिला इंदौर में ही एक इंटरनेट कैफे का संचालन करती है। इसी कैफे की आड़ में वह सरकारी विभागों के फर्जी लेटरहेड, सील और जाली साइन तैयार करने की मास्टरमाइंड थी। उसने ही लक्ष्मण के कहने पर स्वाति बाथम के नाम का जाली नियुक्ति पत्र हूबहू असली जैसा डिजाइन किया था ताकि पीड़ित को कोई शक न हो। पुलिस ने आरोपी महिला के कैफे से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और फर्जी दस्तावेज बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री को जब्त कर लिया है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने शहर के कई अन्य बेरोजगार युवाओं को भी अपना शिकार बनाया होगा, जिसकी सघन जांच जारी है।

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