Bhopal News: भोपाल में BJP विधायक [विधायक का नाम] की बढ़ी पावर, संगठन/सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश

भोपाल : भाजपा विधायक शैलेंद्र कुमार जैन को भोपाल में अहम जिम्मेदारी मिली है। शैलेंद्र कुमार जैन सागर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार भाजपा से विजय विधायक रहे हैं। उन्हें विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति का सभापति नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र तोमर द्वारा की गई है जो प्रदेश की राजनीति और बुंदेलखंड अंचल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्या है सदस्य सुविधा समिति

सदस्य सुविधा समिति विधानसभा की एक बेहद प्रभावशाली आंतरिक समिति होती है। इसका सीधा संबंध प्रदेश के सभी विपक्ष और सत्ताधारी विधायकों के विशेषाधिकारों और सुविधाओं से होता है। क्योंकि यह समिति विधायकों को मिलने वाले आवास, भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य दैनिक भत्तों व सुविधाओं की निगरानी करती है। इसके साथ ही विधायकों के राजनीतिक दौरों के दौरान मिलने वाले सरकारी प्रोटोकॉल, उनके निर्वाचन क्षेत्रों में अतिरिक्त क्लर्क, स्टाफ की व्यवस्था और कार्यालय भवनों की मंजूरी में यही समिति देती है।

इसके अलावा विधायकों को वाहन या आवास खरीदने के लिए मिलने वाले कर्ज पर ब्याज अनुदान जैसे वित्तीय मामलों की समीक्षा और उसे मुख्यमंत्री व वित्त विभाग से मंजूर करवाना भी समिति के अधिकार क्षेत्र में ही आता है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस समिति के अंतिम आदेश और अनुशंसाएं सभापति शैलेंद्र जैन ही जारी करेंगे। इतना ही नहीं समिति सभापति सीधे मुख्यमंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और वित्त विभाग के साथ बैठकें कर नीतियों पर निर्णय लेते हैं।

विधायक का कितना बढ़ा कद

विधानसभा सदस्य समिति का सभापति बनने के साथ ही विधायक शैलेंद्र जैन का राजनीतिक कद बढ़ेगा। क्योंकि इस पद पर रहते हुए शैलेंद्र जैन सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और अन्य दलों के विधायकों की समस्याओं और मांगों के निवारण का जरिया बनेंगे। इससे उनका राजनीतिक प्रभाव बढ़ेगा। कहा जा सकता है कि भले ही इस समिति का सीधा कनेक्शन प्रशासनिक मंत्रालय से नहीं है, लेकिन सभी विधायकों के हितों से जुड़े होने के कारण इस समिति के सभापति को किसी कैबिनेट मंत्री से कम नहीं आंका जाता। सरकार को समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करना होता है।

भाजपा ने संतुलन बनाने की कोशिश की

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भाजपा ने इस नियुक्ति के साथ राजनीतिक और क्षेत्रिय संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की है। साथ ही साथ लगातार चार बार चुनाव जीतने वाले विधायक की अहम जिम्मेदारी सौंपकर उनकी वरिष्ठता को सम्मान दिया है।

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