चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सदस्यों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए थे। बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने और वहां विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों व नेताओं के खिलाफ आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है।
🚫 बिना अनुमति निकाला जाना था मार्च: पुलिस ने रोके जाने पर परिसर में दिया था धरना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संसद भवन से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक एक मार्च निकालने की योजना बनाई थी, जिसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी। चुनाव आयोग कार्यालय के पास रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने विरोध जताया और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर के भीतर चले गए। पुलिस द्वारा बार-बार परिसर खाली करने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद जब उन्होंने धरना समाप्त करने से इनकार किया, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
🔒 260 से अधिक लोग लिए गए हिरासत में: कांग्रेस ने कहा—’FIR से पीछे नहीं हटेंगे’
कानून व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित लगभग 260 लोगों (जिनमें 10 सांसद भी शामिल हैं) को हिरासत में ले लिया। सभी को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन्स ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने तीखा विरोध जताया और कहा कि पार्टी इस तरह की एफआईआर से डरने वाली नहीं है और वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
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