Gariaband Crime News: गरियाबंद में गांजा तस्करी का अनोखा मामला, मां-बेटे को 18 किलो गांजे के साथ पुलिस ने दबोचा

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से गांजा तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लगातार बढ़ रही नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कड़ा अभियान चलाते हुए तस्करी के नए-नए तरीकों का पर्दाफाश किया है। ताजा मामले में देवभोग पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में एक मां-बेटे को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से जिले में तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे नए तौर-तरीकों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

🚗 खूंटगांव नाके पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई इक्को कार

देवभोग पुलिस के मुताबिक, खूंटगांव नाके पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध मारुति इक्को वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जब वाहन की डिक्की की बारीकी से जांच की गई, तो उसमें छिपाकर रखा गया 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में डिंडेश्वर पांडेय और सीता पांडेय को गिरफ्तार किया है, जो रत्नपुर के पास स्थित कालमी टांट गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से गांजे के अलावा एक मोबाइल फोन और लगभग तीन लाख रुपये कीमत की इक्को कार भी जब्त कर ली है।

📊 लगातार कार्रवाई में अब तक 119 किलो से अधिक गांजा जब्त

जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत इससे पहले भी कई बड़े खुलासे हुए हैं। कभी बसों में चावल की बोरियों और आइस बैग के बीच गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था, तो कभी बाइक के जरिए तस्करी की कोशिश की जा रही थी। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इन सभी मामलों को मिलाकर अब तक कुल 119 किलो 692 ग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 59 लाख 84 हजार 600 रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry