गौरेला में 5 साल की मासूम को कोबरा सांप ने डंसा: परिजनों की सतर्कता से बची जान, जिला अस्पताल में भर्ती

छत्तीसगढ़

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़): गौरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिजरवार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर के कमरे में मौजूद एक पांच वर्षीय मासूम बच्ची को जहरीले कोबरा सांप ने डंस लिया।

घटना की जानकारी मिल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़): गौरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिजरवार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर के कमरे में मौजूद एक पांच वर्षीय मासूम बच्ची को जहरीले कोबरा सांप ने डंस लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तनिक भी समय गंवाए बिना सूझबूझ दिखाई और बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाते हुए फौरन एंटी-स्नेक वेनम और जरूरी उपचार शुरू किया। समय पर मिले इलाज के कारण बच्ची की जान बच गई है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

🏠 शाम के समय घर के अंदर हुआ हादसा, परिजनों की तत्परता से बची जान

घटनाक्रम का विवरण इस प्रकार है:

  • पीड़िता की पहचान: ग्राम बिजरवार निवासी साधना मार्को (उम्र 5 वर्ष), पिता मानसिंह मार्को।

  • घटना का समय: शाम के समय बच्ची अपने घर के कमरे के अंदर खेल रही थी।

  • कोबरा का हमला: उसी दौरान कमरे के कोने में छिपे काले कोबरा सांप ने बच्ची के पैर पर डंस लिया।

  • परिजनों का त्वरित कदम: बच्ची के रोने और सांप के काटने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने किसी झाड़-फूंक में वक्त बर्बाद नहीं किया और सीधे जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए।

🏥 जीपीएम जिला अस्पताल में उपचार जारी, हालत खतरे से बाहर

जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा बच्ची का सघन उपचार किया जा रहा है:

  • त्वरित उपचार: अस्पताल पहुंचते ही इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने बच्ची का परीक्षण कर एंटी-वेनम प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू किया।

  • डॉक्टरों की निगरानी: डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की स्थिति अब स्थिर है।

  • चिकित्सकीय देखरेख: सांप के काटने के मामलों में कॉम्प्लिकेशन्स से बचने के लिए कुछ घंटों तक निरंतर ऑब्जर्वेशन आवश्यक होता है, इसलिए बच्ची को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

  • डॉ. प्रशांत रात्रे का बयान: जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रशांत रात्रे ने पुष्टि की कि बच्ची को सांप ने काटा था, समय पर पहुंचने से उचित इलाज मिला और उसकी स्थिति अब पूरी तरह सुरक्षित है।

⚠️ बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा, सर्पदंश पर इन बातों का रखें ध्यान

वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दिनों में सांपों के रिहायशी इलाकों में निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं:

  • झाड़-फूंक से बचें: सांप काटने पर किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, झाड़-फूंक या देसी टोटकों में कीमती समय बिल्कुल न गंवाएं।

  • तत्काल अस्पताल पहुंचे: पीड़ित को शांत रखें, काटे गए अंग को ज्यादा हिलाने-डुलाने न दें और बिना देरी किए नजदीकी शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।

  • समय पर एंटी-वेनम: सर्पदंश के मामलों में शुरुआती एक-दो घंटे (गोल्डन ऑवर) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, समय पर लगने वाला एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन मरीज की जान बचा सकता है।

  • घरों के आसपास सफाई: बारिश के मौसम में घरों के आसपास घास-फूस, लकड़ियों के ढेर और पानी का जमाव न होने दें तथा रात में रोशनी का उपयोग करें।

ते ही परिजनों ने तनिक भी समय गंवाए बिना सूझबूझ दिखाई और बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाते हुए फौरन एंटी-स्नेक वेनम और जरूरी उपचार शुरू किया। समय पर मिले इलाज के कारण बच्ची की जान बच गई है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

🏠 शाम के समय घर के अंदर हुआ हादसा, परिजनों की तत्परता से बची जान

घटनाक्रम का विवरण इस प्रकार है:

  • पीड़िता की पहचान: ग्राम बिजरवार निवासी साधना मार्को (उम्र 5 वर्ष), पिता मानसिंह मार्को।

  • घटना का समय: शाम के समय बच्ची अपने घर के कमरे के अंदर खेल रही थी।

  • कोबरा का हमला: उसी दौरान कमरे के कोने में छिपे काले कोबरा सांप ने बच्ची के पैर पर डंस लिया।

  • परिजनों का त्वरित कदम: बच्ची के रोने और सांप के काटने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने किसी झाड़-फूंक में वक्त बर्बाद नहीं किया और सीधे जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए।

🏥 जीपीएम जिला अस्पताल में उपचार जारी, हालत खतरे से बाहर

जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा बच्ची का सघन उपचार किया जा रहा है:

  • त्वरित उपचार: अस्पताल पहुंचते ही इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने बच्ची का परीक्षण कर एंटी-वेनम प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू किया।

  • डॉक्टरों की निगरानी: डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की स्थिति अब स्थिर है।

  • चिकित्सकीय देखरेख: सांप के काटने के मामलों में कॉम्प्लिकेशन्स से बचने के लिए कुछ घंटों तक निरंतर ऑब्जर्वेशन आवश्यक होता है, इसलिए बच्ची को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

  • डॉ. प्रशांत रात्रे का बयान: जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रशांत रात्रे ने पुष्टि की कि बच्ची को सांप ने काटा था, समय पर पहुंचने से उचित इलाज मिला और उसकी स्थिति अब पूरी तरह सुरक्षित है।

⚠️ बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा, सर्पदंश पर इन बातों का रखें ध्यान

वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दिनों में सांपों के रिहायशी इलाकों में निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं:

  • झाड़-फूंक से बचें: सांप काटने पर किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, झाड़-फूंक या देसी टोटकों में कीमती समय बिल्कुल न गंवाएं।

  • तत्काल अस्पताल पहुंचे: पीड़ित को शांत रखें, काटे गए अंग को ज्यादा हिलाने-डुलाने न दें और बिना देरी किए नजदीकी शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।

  • समय पर एंटी-वेनम: सर्पदंश के मामलों में शुरुआती एक-दो घंटे (गोल्डन ऑवर) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, समय पर लगने वाला एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन मरीज की जान बचा सकता है।

  • घरों के आसपास सफाई: बारिश के मौसम में घरों के आसपास घास-फूस, लकड़ियों के ढेर और पानी का जमाव न होने दें तथा रात में रोशनी का उपयोग करें।

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