चंडीगढ़: काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन और सुप्रीम कोर्ट एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट वासु रंजन ने देश भर में तेजी से बढ़ रहे इमिग्रेशन फ्रॉड (विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी) पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में ‘स्पेशल इमिग्रेशन फ्रॉड हेल्प सेल’ का गठन किया जाए, ताकि मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई को लुटने से बचाया जा सके।
📉 आर्थिक और मानसिक संकट में परिवार
एडवोकेट वासु रंजन ने बताया कि विशेषकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के हजारों परिवार इमिग्रेशन एजेंटों की ठगी का शिकार होकर आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपनी वर्षों की बचत और जमीन-जायदाद बेचकर विदेश जाने का सपना देखते हैं, लेकिन कथित एजेंट उनकी पूरी जमा-पूंजी हड़प कर उन्हें अधर में छोड़ देते हैं।
⏳ 30 दिनों में शिकायतों के निपटारे की मांग
केंद्र सरकार को सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि एक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए, जहाँ इमिग्रेशन फ्रॉड से जुड़ी हर शिकायत का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर हो। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति आम नागरिक की नेक कमाई से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
🤝 काउंसिल ऑफ लॉयर्स का बड़ा सहयोग
एडवोकेट वासु रंजन ने पीड़ित परिवारों के लिए राहत की घोषणा करते हुए कहा कि ‘काउंसिल ऑफ लॉयर्स’ ऐसे मामलों में पूरी कानूनी सहायता प्रदान करेगी। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता दी जाएगी। यदि किसी के साथ धोखाधड़ी हुई है या पैसा लेने के बाद एजेंट काम नहीं कर रहा है, तो वे काउंसिल से संपर्क कर सकते हैं। संगठन ऐसे मामलों को सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाने और कानूनी कार्रवाई में हरसंभव सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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