संसद में मुझे बोलने नहीं दिया”: राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आरोप

देश

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने कहा, “जो बातें मैं संसद के पटल पर नहीं बोल पाया, उसे आज मीडिया के माध्यम से देश के सामने रख रहा हूँ। संसद में मुझे बोलने की अनुमति ही नहीं दी गई। मैंने माननीय अध्यक्ष (स्पीकर) से कई बार आग्रह किया कि मुझे अपनी बात रखने दीजिए, लेकिन मुझे बोलने का अवसर नहीं दिया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों के साथ पुलिस द्वारा घोर बर्बरता की गई और उन पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसके लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय पूरी तरह जिम्मेदार है।

📜 “छात्रों पर बर्बरता की जिम्मेदारी ले गृह मंत्रालय”, राहुल बोले- बिना आदेश नहीं चल सकती पैलेट गन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आगे बताया कि दिल्ली में छात्रों पर हुए जानलेवा हमले को लेकर उन्होंने खुद गृह मंत्री को पत्र लिखा था और एक गंभीर रूप से घायल छात्र से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों को लाठी में कीलें गाड़कर बेरहमी से पीटा गया। जब उन्होंने इसी संवेदनशील मुद्दे को लोकसभा में उठाना चाहा, तो उनकी आवाज को दबा दिया गया। राहुल गांधी ने कहा, “हमारे लिए अपनी बात रखने का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच लोकसभा है, लेकिन वहीं मुझे रोक दिया गया। बिना गृह मंत्रालय के स्पष्ट आदेश या अनुमति के किसी भी बल द्वारा पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हम भी पूर्व में सरकार में रहे हैं, हमें पूरी प्रक्रिया की भली-भांति जानकारी है। गृह मंत्री को या तो इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी या फिर यह स्पष्ट करना होगा कि यह किसके आदेश से हुआ।”

📑 “एम्स (AIIMS) की रिपोर्ट में पैलेट गन का जिक्र”, राहुल ने गृह मंत्रालय में बदलाव और जांच की मांग की

राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) दोनों सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती हैं, इसलिए दिल्ली में हुई इस हिंसा से सरकार अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती।

उन्होंने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि गृह मंत्रालय की जवाबदेही तय की जाए और इस बात की निष्पक्ष जांच कराई जाए कि पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। एक सवाल का जवाब देते हुए राहुल ने कहा कि पैलेट गन का इस्तेमाल बेहद घातक और जानलेवा होता है, जिससे इंसान की आंखों की रोशनी तक जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि एम्स (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट में छात्र पर पैलेट गन के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है और उन्होंने इसके पुख्ता सबूत भी दिए हैं।

📝 “पेपर लीक रोकने के लिए बिल में कोई ठोस नियम नहीं”: एंटी पेपर लीक बिल पर उठाए सवाल

सरकार द्वारा लाए गए नए कानून पर सवाल खड़े करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह कानून वास्तव में ‘एंटी पेपर लीक बिल’ है ही नहीं।

उन्होंने कहा कि देश भर के लाखों छात्र लगातार होते पेपर लीक से मानसिक और भविष्य के स्तर पर परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही है। राहुल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक से जुड़े बड़े-बड़े माफियाओं के खिलाफ आज तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई और न ही किसी को कड़ी सजा मिली है। सरकार ने इस नए बिल में केवल कागजी सजा बढ़ाई है, लेकिन पेपर लीक को वास्तव में रोकने के लिए कोई प्रभावी नियम नहीं बनाए हैं।

🎙️ “क्रेडिट चोरी करने की कोशिश कर रहे राहुल”: बीजेपी सांसद संबित पात्रा का पलटवार

राहुल गांधी के गंभीर आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर करारा पलटवार किया।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के “बोलने न देने” के दावे को पूरी तरह से तथ्यहीन और गलत ठहराया। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को सदन में बोलने का पूरा अवसर दिया गया था, लेकिन वे अपनी बात सही तरीके से रख ही नहीं पाए। संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल राजनीतिक माइलेज लेने और क्रेडिट चोरी करने की कुचेष्टा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह करने और बरगलाने का प्रयास किया है, जिसके लिए उन्हें पूरे देश और सदन से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

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