हजारीबाग: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारीबाग में एक सराहनीय और अनूठी पहल देखने को मिली। चुरचू प्रखंड के नगड़ी बिरहोर टोला स्थित आदि सेवा केंद्र में आदिम जनजाति बिरहोर समाज के लोगों को योग का प्रशिक्षण दिया गया। हजारीबाग के युवाओं के समूह ‘अर्थ एक प्रयास’ द्वारा आयोजित इस शिविर में बिरहोर समाज के बच्चों और बड़ों ने पहली बार योग किया।
🌟 युवाओं की सार्थक पहल
‘अर्थ एक प्रयास’ समूह के छात्रों ने योग दिवस को बिरहोर समुदाय के साथ मनाने का निर्णय लिया। इन युवाओं ने समुदाय के लोगों को ‘करें योग, रहें निरोग’ का संदेश देते हुए योग के फायदों के बारे में विस्तार से समझाया। बिरहोर समुदाय के बच्चों ने न केवल योग में रुचि ली, बल्कि भविष्य में इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया।
📈 बिरहोर समाज में आ रहा है सकारात्मक परिवर्तन
प्रशिक्षण देकर लौटे युवाओं ने बताया कि बिरहोर समाज में अब धीरे-धीरे जागरूकता आ रही है। स्वच्छता और शिक्षा के साथ-साथ योग के प्रति उनकी सजगता एक बड़े सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। योग शिविर में हिस्सा लेने वाले बिरहोर समुदाय के लोगों का कहना था कि पहली बार योग करना उनके लिए एक सुखद अनुभव रहा, जिससे वे खुद को अधिक स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
🛡️ संरक्षित समुदाय की ओर बढ़ता कदम
बिरहोर समाज को विलुप्त होती आदिम जनजाति की श्रेणी में रखा गया है। सरकार इनके संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन हजारीबाग के छात्रों की यह सामाजिक पहल वाकई काबिले तारीफ है। यह प्रयास न केवल उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगा, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवनशैली को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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