चंडीगढ़ (हरियाणा): प्रदेश के बहुचर्चित 661 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच अब अपने निर्णायक व अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जांच एजेंसी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर चार्जशीट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में हरियाणा कैडर के 6 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई अदालत में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है, जबकि 2 अन्य अधिकारियों को सबूतों के अभाव में फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है।
📋 इन 6 IAS अफसरों के खिलाफ तैयार हो रही है CBI की चार्जशीट
सीबीआई जांच के घेरे में आए अधिकारियों का विवरण:
-
विनीत गर्ग: आवास व ठिकानों पर पूर्व में सीबीआई सर्च ऑपरेशन चलाकर दस्तावेज जुटा चुकी है।
-
पंकज अग्रवाल: मामले में सीबीआई द्वारा पूर्व में ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
-
मोहम्मद शाइन: इनके ठिकानों पर भी केंद्रीय एजेंसी द्वारा विस्तृत जांच और तलाशी अभियान चलाया गया था।
-
डॉ. साकेत कुमार: जांच के दायरे में शामिल, ठिकानों पर एजेंसी ने साक्ष्य संकलन किया है।
-
आर. के. सिंह: मामले में पूर्व में ही सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
-
प्रदीप दहिया (सेवानिवृत्त): जांच एजेंसी द्वारा पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
⚖️ 2 IAS अफसरों को मिली क्लीन चिट जैसी राहत: नहीं मिले पर्याप्त साक्ष्य
जांच में राहत पाने वाले अधिकारी:
-
डी. के. बेहरा: सरकारी फाइलों और पत्राचार के आधार पर उनके स्तर से जिम्मेदारी तय नहीं पाई गई; उन्होंने प्रक्रियागत निर्णयों की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों पर होने के तथ्य पेश किए।
-
मनीराम शर्मा: इनका नाम एक संदिग्ध व्हाट्सएप चैट में सामने आया था, किंतु विस्तृत तकनीकी जांच और पड़ताल में इस चैट या संलिप्तता की पुष्टि नहीं हो सकी।
🏛️ PC Act की धारा 19 के तहत सरकार से मांगी जाएगी अभियोजन स्वीकृति
मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया:
-
प्रॉसिक्यूशन सैंक्शन अनिवार्य: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act, 1988) की धारा 19 के नियमानुसार, किसी भी सेवारत अथवा लोक सेवक पर न्यायालय में औपचारिक मुकदमा चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी (सरकार) की पूर्व मंजूरी अनिवार्य है।
-
सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव: चार्जशीट को अंतिम रूप देने के साथ ही सीबीआई जल्द ही हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग और केंद्र सरकार को इन 6 आईएएस अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की वैधानिक अनुमति (Prosecution Sanction) के लिए औपचारिक पत्र भेजेगी।
🔍 वरिष्ठ अधिकारियों के सीधे मार्गदर्शन में तैयार हो रही अंतिम चार्जशीट
जांच एजेंसी की रणनीति:
-
उच्चस्तरीय निगरानी: इस संवेदनशील और बड़े वित्तीय घोटाले की जांच की सीधी मॉनिटरिंग सीबीआई मुख्यालय के शीर्ष अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
-
त्रुटिहीन ड्राफ्टिंग: अदालत में ट्रायल के दौरान किसी भी कानूनी पेच या तकनीकी खामी से बचने के लिए वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों और उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में ही चार्जशीट के प्रत्येक बिंदु को पुख्ता किया जा रहा है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad