धमतरी (छत्तीसगढ़): पवित्र सावन माह के पावन अवसर पर धमतरी शहर के इंडोर स्टेडियम परिसर में श्री शीतलेश्वर महादेव सेवा समिति के तत्वावधान में 251 पार्थिव शिवलिंगों के सामूहिक रुद्राभिषेक का भव्य एवं अलौकिक आयोजन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विशाल संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और जनकल्याण की मंगल कामना की। पूरे अनुष्ठान के दौरान विद्वान आचार्यों के सुमधुर वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं के “हर-हर महादेव” व “जय भोलेनाथ” के गगनभेदी जयघोष से संपूर्ण वातावरण शिवमय एवं भक्तिमय बना रहा।
🔱 विगत 3 वर्षों से लगातार हो रहा आयोजन, महापौर रामू रोहरा ने पार्थिव पूजन को बताया आस्था का प्रतीक
आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य देवेंद्र कर ध्रुवंसी ने जानकारी देते हुए बताया कि, “समिति द्वारा पिछले तीन वर्षों से निरंतर इस धार्मिक अनुष्ठान का सफल संचालन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल पूजन-अर्चन तक सीमित नहीं है, अपितु आमजन को अपनी मूल सनातन संस्कृति और पौराणिक परंपराओं से जोड़ना है।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए धमतरी महापौर रामू रोहरा ने कहा कि ऐसे भव्य धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार होता है और असामाजिक व नकारात्मक प्रवृत्तियों पर अंकुश लगता है। उन्होंने 251 पार्थिव शिवलिंगों के पूजन को अपार आस्था का प्रतीक बताते हुए सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की।
🪔 “दैनिक जीवन में पूजा-पाठ के लिए समय अवश्य निकालें”: भैरवी धाम की सुमिरन माई का संदेश
समारोह में राजनांदगांव जिले के प्रसिद्ध खैरा स्थित ‘भैरवी धाम’ से पधारीं पूज्या सुमिरन माई ने उपस्थित जनसमूह को आशीर्वचन प्रदान किए।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि, “प्रत्येक मनुष्य को अपनी व्यस्त दिनचर्या, व्यवसाय और पारिवारिक दायित्वों के मध्य कुछ समय ईश्वर की आराधना और भक्ति के लिए अवश्य निकालना चाहिए।” उन्होंने शास्त्रों का संदर्भ देते हुए बताया कि पार्थिव शिवलिंग का पूजन अत्यंत फलदायी होता है और सावन मास में इसका अनुष्ठान करने से कोटि-कोटि पुण्यों की प्राप्ति होती है।
🐮 युवाओं को सनातन धर्म और गौ-संरक्षण से जोड़ने का आह्वान
सुमिरन माई ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कारों और नैतिक मूल्यों से आबद्ध रहने की प्रेरणा दी।
उन्होंने धमतरी से अपने प्राचीन आत्मीय संबंधों का स्मरण करते हुए कहा कि यहाँ के युवाओं में धर्म और अध्यात्म के प्रति बढ़ता रुझान अत्यंत सुखद एवं उत्साहवर्धक संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने ‘गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुनीत कार्य में संपूर्ण समाज की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है और आम नागरिकों को अपनी भावनाओं से शासन-प्रशासन को अवगत कराना चाहिए।
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