उज्जैन (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजनीति से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा उज्जैन उत्तर से 6 बार विधायक रहे पारस चंद्र जैन का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की सूचना मिलते ही संपूर्ण मध्य प्रदेश के राजनीतिक एवं सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पारस चंद्र जैन लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि उज्जैन जिला मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा तथा उनके निजी सहायक (PA) शुभम माली द्वारा की गई है।
🏥 इंदौर के निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज, उज्जैन के चक्रतीर्थ पर होगा अंतिम संस्कार
पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन पिछले कई दिनों से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।
उनका इलाज इंदौर के एक निजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा था, जहाँ 3 अगस्त सोमवार को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर उज्जैन स्थित उनके निज निवास लाया गया, जहाँ से अपराह्न 2 बजे उनकी अंतिम यात्रा चक्रतीर्थ श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। उनके अंतिम दर्शन व अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने हेतु मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उज्जैन पहुंचे।
🙏 “हमने एक समर्पित और सच्चा जननेता खो दिया”: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम ने लिखा— “वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री एवं उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक श्रद्धेय श्री पारस चंद्र जैन जी के निधन का समाचार सुनकर मन अत्यंत दुखी है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति!”
🕊️ “उन्हें प्यार से लोग ‘पारस पहलवान’ कहते थे”: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साझा कीं यादें
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गहरा दुख जताते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने लिखा— “मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री, उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक, वरिष्ठ राजनेता और मेरे आत्मीय साथी श्री पारस चंद्र जैन जी अब हमारे बीच नहीं रहे। पारस जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक एवं भाजपा के अत्यंत निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने उज्जैन और प्रदेश की जनता की अनवरत सेवा की। वे एक कुशल संगठक, सफल प्रशासक के साथ-साथ योग व व्यायाम के बड़े प्रेरक थे। उन्हें लोग आदर से ‘पारस पहलवान’ के नाम से पुकारते थे। ईश्वर परिवार को यह अपार दुःख सहने का संबल दें।”
🗳️ उज्जैन उत्तर सीट से 6 बार रहे विधायक, 1990 में पहली बार पहुंचे थे विधानसभा
20 जून 1950 को उज्जैन में जन्मे पारस चंद्र जैन का परिवार पारंपरिक रूप से अनाज व्यवसाय से जुड़ा हुआ था।
वे उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से रिकॉर्ड 6 बार (1990, 1993, 2003, 2008, 2013 और 2018) विधायक निर्वाचित हुए। अपने पूरे राजनीतिक सफर में वे केवल 1998 का चुनाव हारे थे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनकी जगह अनिल जैन कालूहेड़ा को प्रत्याशी बनाया था, इसके बावजूद वे एक निष्ठावान कार्यकर्ता की भांति संगठन के कार्यों में पूर्ण रूप से समर्पित रहे।
🤼♂️ ABVP से शुरू हुआ सफर, राज्य मंत्री से लेकर बने कैबिनेट ऊर्जा मंत्री
पारस चंद्र जैन का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से प्रारंभ हुआ था।
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से शिक्षित पारस जैन कुश्ती, योग और व्यायाम के मुरीद थे, जिसके चलते उन्हें ‘पारस पहलवान’ की पहचान मिली। वर्ष 2005 से 2013 तक उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में वन, स्कूल शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। दिसंबर 2013 में उन्हें स्कूल शिक्षा कैबिनेट मंत्री तथा 2016 में ऊर्जा मंत्री का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया था।
⚖️ विधायक निधि के उपयोग को लेकर विवादों से भी जुड़ा रहा नाम
अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान पारस चंद्र जैन का नाम कुछ विवादों से भी जुड़ा रहा।
उनके विरुद्ध पद के दुरुपयोग और लोक निर्माण विभाग से विधायक निधि की राशि स्वीकृत कराने के मामले में लोकायुक्त उज्जैन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं (धारा 7, 13(1)A, 13(2), 420, 120B) के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था। इन सभी उतार-चढ़ावों के बावजूद उज्जैन की जनता के बीच उनकी छवि एक सुलभ और जमीनी नेता की बनी रही।
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