हापुड़ में तैनात जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। सरसावा थाना पुलिस ने सीमा चौधरी और उनके तीन अन्य सहयोगियों (संजीव, राजेंद्र राणा और नरेश कुमार) के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला डीआईजी सहारनपुर रेंज के आदेश पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता मुनेश रानी ने अपनी बेटी और अन्य पर जमीन हड़पने की साजिश रचने, फर्जी दस्तावेज बनाने और बिना अनुमति बैंक खाता खुलवाने का आरोप लगाया है।
📝 क्या हैं गंभीर आरोप?
मुनेश रानी ने FIR में दावा किया है कि आरोपियों ने 16 सितंबर 2023 की तारीख में जमीन संबंधी एक फर्जी रसीद तैयार की और उस पर उनके जाली हस्ताक्षर किए। हस्तलेख विशेषज्ञ (Handwriting Expert) की जांच में ये हस्ताक्षर उनके वास्तविक हस्ताक्षरों से भिन्न पाए गए। मुनेश रानी का यह भी आरोप है कि उनकी सहमति के बिना आईसीआईसीआई बैंक में उनके नाम से खाता खुलवाया गया, जिसमें उनकी बेटी की ई-मेल आईडी का उपयोग कर करीब 15 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया।
🛡️ धमकी और उत्पीड़न का दावा
पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने इन अवैध गतिविधियों का विरोध किया, तो उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी गईं। दबाव और भय के कारण उन्हें अपनी संपत्ति का हिस्सा भी बेचना पड़ा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस स्तर पर सुनवाई न होने के बाद उन्होंने डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह से गुहार लगाई, जिसके बाद ही ये कार्रवाई संभव हो सकी।
🔍 पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
सरसावा थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी जैसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति के खिलाफ इस तरह के गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
