ग्वालियर के सिरोल इलाके में 11 वर्षीय बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब हत्या और आत्महत्या की गुत्थी के बीच फंस गया है। 24 मई को लापता हुई बालिका के मामले में उसके सौतेले पिता पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। पुलिस अब रीक्रिएशन के जरिए सच तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
📹 सीसीटीवी फुटेज से खुला खौफनाक सच
बालिका के लापता होने पर परिजनों ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। रात करीब 2:30 बजे सौतेला पिता गाड़ी लेकर घर से निकलता और लौटते समय बालिका को गाड़ी में ले जाते हुए दिखा। पुलिस का कहना है कि बालिका घर के अंदर तो आई, लेकिन उसके बाद बाहर नहीं निकली।
🐊 ड्रोन फुटेज में मिले मगरमच्छ
आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि बालिका ने फांसी लगा ली थी और डर के कारण उसने शव को वैन में डालकर भिंड के लहार स्थित सिंध नदी में फेंक दिया। पुलिस जब आरोपी को लेकर नदी पर पहुंची और ड्रोन उड़ाया, तो कैमरे में मगरमच्छों को शव खाते हुए देखा गया। इसके बाद गोताखोरों की मदद से कंकाल के कुछ हिस्से बरामद किए गए।
🧬 वैज्ञानिक जांच से सुलझेगा रहस्य
पुलिस ने इस मामले में कठोर कदम उठाते हुए डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया है। अंगों को प्रिजर्व कर लिया गया है और बालिका की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मां के डीएनए सैंपल से मिलान किया जाएगा। सिरोल थाना प्रभारी और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम लगातार साक्ष्य जुटा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह खुदकुशी थी या एक सुनियोजित हत्या।
संपादकीय टिप्पणी: एक मासूम की मौत के बाद जिस तरह से शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई, वह पूरी मानवता को झकझोरने वाली घटना है। क्या आपको लगता है कि इस मामले में कड़ाई से जांच कर आरोपी को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सजा मिलनी चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।
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