गुना: गुना के धरनावदा थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों द्वारा एक कार को रोका गया. जब उस कार की तलाशी ली गई तो कार से 1 करोड़ रुपए मिले, लेकिन इसके बावजूद विधिवत कार्रवाई न की गई. आरोप है कि चेकिंग के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने 20 लाख रुपए लेकर मामले को रफा दफा कर लिया. वहीं, इस मामले में गुजरात में पदस्थ एक पुलिस अधिकारी का फोन गुना एसपी अंकित सोनी को पहुंचा तो ली गई राशि को वापस लौटा दिया गया.
थाना प्रभारी सहित 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
गुना में इस मामले को बढ़ता देख ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी गुना पहुंचे ओर देर रात संदिग्ध आरोपी पुलिसकर्मियों से पूछताछ की गई. इसके बाद ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना से निर्देश मिलते ही धरनावदा थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह शिकरवार एवं आरक्षक सुंदर रमन को सस्पेंड कर दिया.
जानकार सूत्रों के अनुसार इस प्रकार है कि 19 मार्च को रूठियाई में चेकिंग के दौरान स्कॉर्पियो क्रमांक GJ 05 RK 9351 को रोका गया. यह गाड़ी गुजरात के किसी जीरा व्यापारी की बताई जा रही है. चेकिंग के दौरान पुलिस ने 1 करोड़ रुपए नगद पकड़े. इसके बाद आरोप है कि 20 लाख रुपए में डील हुई और पुलिस ने गाड़ी को छोड़ दिया.
इस संबंध में अमित सांघी ग्वालियर डीआईजी ने बताया कि “मामला मेरे संज्ञान में आया था कि यहां वाहन चेकिंग के दौरान कुछ संदिग्ध आचरण हुआ है. जिस पर से यहां आकर मामले को समझा. यहां पर 19 तारीख को रात में वाहन चेकिंग के दौरान जो विधि संवत कार्रवाई करनी चाहिए वैसी हुई नहीं है. तो इसमें डिटेल जांच हम आदेशित कर रहे हैं. क्योंकि जो भी वाहन था उसका भी फरियादी यहां पर नहीं है.
परंतु प्रथम दृष्टया लग रहा है कि इसमें बहुत गहन जांच की आवश्यकता है और जो कार्रवाई होनी चाहिए वो नहीं हुई है ऐसा प्रथम दृष्टया महसूस हो रहा है. तो जो चौकी प्रभारी हैं ओर जो अन्य तीन कर्मचारी हैं इन चारों को अभी सस्पेंड किया जा रहा है. इसके बाद जो हमारी डिटेल्ड इन्क्वारी होगी उसके बाद ये स्पष्ट होगा कि ये पूरा मामला क्या है.”
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