दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम ने किया क्षतिग्रस्त रेलवे पुल का निरीक्षण, कहा- मार्च तक रांची से लोहरदगा स्टेशन के बीच नहीं चलेगी ट्रेन

झारखण्ड

लोहरदगा: कोयल नदी पर बने रेलवे ब्रिज का पिलर संख्या 115 के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोहरदगा से ट्रेनों का परिचालन ठप है. मामले में मंगलवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने तकनीकी टीम के साथ रेलवे ब्रिज का निरीक्षण किया. रेलवे के विशेष स्पीक कोच से लोहरदगा पहुंचे दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने रेल पुल की स्थिति और ट्रेनों के परिचालन को लेकर समीक्षा की.

मार्च तक रांची-लोहरदगा रेलखंड पर नहीं चलेगी ट्रेनें

रेलवे महाप्रबंधक के निरीक्षण और उनके बयान के बाद यह तो तय हो गया है कि रांची से लोहरदगा स्टेशन तक एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन फिलहाल नहीं होगा. कम से कम मार्च के अंतिम तक तो यह संभव नहीं है. इसके साथ ही लोहरदगा स्टेशन तक मेमू ट्रेन भी नहीं पहुंचेगी. रेल यात्रियों को फिलहाल असुविधा का सामना करना पड़ेगा. वहीं मेमू ट्रेन के परिचालन को लेकर भी कुछ सीमा तय की गई है.

महाप्रबंधक ने तकनीकी टीम के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की. जिसमें उन्होंने पिलर संख्या 5 की सबसे पहले मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं. उसके बाद पिलर संख्या 6 और 7 की मरम्मत की जाएगी. वहीं, 15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा. महाप्रबंधक ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि मार्च के अंतिम तक ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाए. सभी मरम्मत कार्य मई 2026 तक पूरे कर लिए जाने की संभावना है. साथ ही रेलवे इस लाइन पर कोयल नदी पर नए पुल के निर्माण को लेकर भी योजना पर काम करेगा.

इरगांव हॉल्ट तक ही होगा मेमू ट्रेन का परिचालन

रेलवे महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन लोहरदगा स्टेशन से सात किलोमीटर दूर इरगांव हॉल्ट तक किया जाएगा. यात्रियों को लोहरदगा से ईरगांव तक के लिए बस की सुविधा प्रदान की जाएगी. वहीं लोहरदगा से टोरी के लिए कनेक्टिंग ट्रेन की सुविधा भी शुरू की जाएगी. फिलहाल रांची से लोहरदगा के बीच एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन नहीं होगा.

नदी से बालू उठाव और कटाव से पुल को नुकसान

उन्होंने यह भी कहा कि नदी से बालू के उठाव और कटाव की वजह से रेलवे पुल को नुकसान पहुंचा है. पुल की मरम्मत के लिए तीन-चार टीमें लगातार 24 घंटे काम करेगी. पुल का पिलर संख्या 4, 5, 6 और 7 को जैकेटिंग और पाइलिंग के जरिए दुरुस्त किया जाएगा. साथ ही स्टील गार्डर के माध्यम से फिलहाल परिचालन प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry