Garhwa School Fee News: गढ़वा में निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक, री-एडमिशन और एनुअल चार्ज के नाम पर वसूली अवैध; प्रशासन ने जारी किया सख्त आदेश

झारखण्ड

गढ़वाः जिले के निजी विद्यालयों में री एडमिशन एवं पुस्तकों में निजी विद्यालयों की कमीशनखोरी के खिलाफ जिला प्रशासन शख्ती बरत रहा है. छात्र अभिभावक संघ के प्रतिनिधिमंडल के आवेदन पर गढ़वा डीसी ने वीडियो जारी कर निर्देश दिए हैं.

डीसी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिए दिशा निर्देश

प्राइवेट स्कूलों द्वारा अवैध रूप से एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज एवं अन्य विभिन्न शुल्कों की वसूली, महंगे प्रकाशकों की किताबें जबरन बेचने तथा परीक्षा शुल्क के नाम पर अत्यधिक राशि लेने के मामले में गढ़वा डीसी ने शख्त कदम उठाए हैं. यह कदम छात्र अभिभावक संघ से मिली शिकायत के बाद डीसी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं.

री एडमिशन या एक्स्ट्रा फीस लेना गैर-कानूनीः डिप्टी कमिश्नर

इस बीच, डिप्टी कमिश्नर के साथ मीटिंग के दौरान छात्र अभिभावक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अभिभावकों की चिंताओं के बारे में डिटेल में बताया. डिप्टी कमिश्नर ने पॉजिटिव रुख अपनाते हुए साफ कहा कि रीएडमिशन या किसी और तरह की फीस की आड़ में एक्स्ट्रा फीस लेना पूरी तरह से गैर-कानूनी है. अगर कोई प्राइवेट स्कूल ऐसी वसूली करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.

मनमानी करने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द की जाएगीः डीसी

इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने निम्नलिखित मांगें भी रखी जिसमें बस एवं ऑटो में बच्चों को अत्यधिक संख्या में ले जाने पर रोक लगाने सहित अन्य मांगे रखी हैं. वहीं, डीसी दिनेश यादव ने वीडियो जारी कर कहा कि किसी भी विद्यालयों में रीएडमिशन के नाम पर जबरन अवैध वसूली की जाती है तो ऐसे विद्यालयों पर कठोर कार्यवाई की जाएगी. उन्होंने शिकायत के लिए एक नंबर भी जारी किया है और हिदायत दी है कि अगर कोई भी विद्यालय मनमानी करता है तो उस विद्यालय की मान्यता रद्द की जाएगी.

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