फ्लाईदुबई की तेल अवीव जाने वाली उड़ान में गंभीर सुरक्षा चूक और घटना को अंजाम देने वाले ओमानी पायलट हमाम-अल-हम्मामी को लेकर सनसनीखेज खुलासे हुए हैं।
जांच में सामने आया है कि उसके अपने देश ओमान ने उसकी संदिग्ध हरकतों के चलते पहले ही उस पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की थी और उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
हम्मामी के चरमपंथी विचारधारा और कट्टरपंथी वेबसाइटों के संपर्क में रहने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया था। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे एडवांस ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी निष्कासित कर दिया गया था।
❓ फ्लाईदुबई की सुरक्षा जांच पर गंभीर सवाल: बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में कहां हुई भारी चूक?
विमानन सुरक्षा और एयरलाइन प्रबंधन पर उठते सवाल:
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स्क्रीनिंग में विफलता: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रतिष्ठित एयरलाइन ‘फ्लाईदुबई’ इतनी बड़ी और संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपने से पहले पायलट का पिछला आपराधिक और अनुशासनात्मक इतिहास जांचने में कैसे नाकाम रही।
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मात्र 8 महीने का कार्यकाल: इजराइली अधिकारियों के अनुसार, हम्मामी ने फ्लाईदुबई में केवल आठ महीने ही काम किया था, जिससे यह अंदेशा गहरा गया है कि भर्ती प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती गई।
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संवेदनशील रूट पर तैनाती: ओमान और इजराइल के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, इसके बावजूद एक ओमानी नागरिक को तेल अवीव जाने वाली संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय उड़ान के कॉकपिट में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
🕵️♂️ मोसाद, शिन बेट और इजराइली सेना सक्रिय: कई सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं संयुक्त जांच
इजराइल की शीर्ष जांच एजेंसियों की कार्रवाई का ब्योरा:
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हाई-लेवल जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (Shin Bet), खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad), इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) और परिवहन मंत्रालय मिलकर संयुक्त जांच कर रहे हैं।
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क्रू चयन की पड़ताल: जांच दल मुख्य रूप से इस बिंदु पर केंद्रित है कि चरमपंथी पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय क्रू का हिस्सा बनने में कैसे सफल रहा।
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खुफिया तालमेल: यूएई और इजराइली सुरक्षा अधिकारी इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि क्या यह केवल व्यक्तिगत स्तर की चूक थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित सुरक्षा साजिश थी।
📄 सामान में मिले ‘फ्री फिलिस्तीन’ के पर्चे: इजराइल के प्रति नफरत और कट्टरपंथी जुड़ाव के संकेत
तलाशी और फॉरेंसिक जांच में सामने आए तथ्य:
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आपत्तिजनक सामग्री बरामद: इजराइली मीडिया ने अमीराती सूत्रों के हवाले से बताया कि को-पायलट के निजी सामान की तलाशी लेने पर ‘फ्री फिलिस्तीन’ से जुड़े पर्चे, किताबें और भड़काऊ प्रचार सामग्री बरामद हुई है।
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इजराइल विरोधी मानसिकता: रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पायलट पूर्व में भी सार्वजनिक व निजी मंचों पर फिलिस्तीन के प्रति खुला समर्थन और इजराइल के प्रति गहरी नफरत जाहिर कर चुका था।
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आतंकी संपर्कों की पड़ताल: सुरक्षा एजेंसियां अब उसके डिजिटल डिवाइसेज, सोशल मीडिया अकाउंट्स और फोन रिकॉर्ड्स की गहन फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि किसी संगठित नेटवर्क से उसके संबंधों का पता लगाया जा सके।
🌐 राजनयिक संबंध न होने के बावजूद अनुमति: यूएई में आधिकारिक जांच जारी
अंतरराष्ट्रीय नियमों और एयरलाइन के आंतरिक प्रोटोकॉल की समीक्षा:
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एकल नागरिकता: जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ओमानी को-पायलट के पास किसी अन्य देश की दोहरी नागरिकता नहीं थी।
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प्रतिबंधों को छिपाने में सफल: रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब वह ओमान छोड़कर यूएई गया, तो फ्लाईदुबई ओमान में उस पर लगे पूर्व प्रतिबंधों और बर्खास्तगी के रिकॉर्ड को ट्रैक करने में विफल रही।
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यूएई की आंतरिक समीक्षा: संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय आधिकारिक जांच दल यह पता लगाने में जुटा है कि सुरक्षा स्क्रीनिंग में किस स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई और भविष्य में ऐसी चूकों को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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