मथुरा के वृंदावन स्थित प्रसिद्ध केली कुंज आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस घटना के बाद विभिन्न राज्यों से कई परिजन अपने लापता बच्चों की खोजबीन करने मथुरा के आश्रमों के चक्कर काट रहे हैं।
इसी बीच श्रद्धालुओं और आम जनता के जेहन में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि संत प्रेमानंद महाराज इस समय कहां हैं? अपने शिष्य की कथित आत्महत्या और आश्रम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने अब तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान क्यों नहीं दिया? इन सवालों की पड़ताल के दौरान यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि प्रेमानंद महाराज वर्तमान में अपने मुख्य आश्रम केली कुंज में मौजूद ही नहीं हैं, बल्कि वे पिछले कई महीनों से यमुना पार स्थित आश्रम में रह रहे हैं।
🛕 केली कुंज, बेलवन और कृष्णम अपार्टमेंट: प्रेमानंद महाराज के आश्रमों और प्रमुख ठिकानों का नेटवर्क
प्रेमानंद महाराज के आश्रमों और पूर्व ठिकानों का विवरण:
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केली कुंज आश्रम: यह उनका मुख्य और सबसे प्रसिद्ध आश्रम है, जो मथुरा के चीरघाट, परिक्रमा मार्ग पर स्थित है और जहां देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
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यमुना विहार कुंज (बेलवन): यमुना नदी के उस पार बेलवन क्षेत्र में स्थित यह उनका दूसरा आश्रम है, जहां वे एकांतवास और साधना के लिए निवास करते हैं।
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रमण रेती का कृष्णम अपार्टमेंट: शुरुआत के दौर में महाराज जी का एक और प्रमुख ठिकाना रमण रेती स्थित कृष्णम अपार्टमेंट का एक फ्लैट हुआ करता था। यह वही स्थान है जहां से वे देर रात ढोल-नगाड़ों और हरिनाम संकीर्तन के साथ अपनी पदयात्रा निकालते थे।
🔒 महालक्ष्मी मंदिर से 500 मीटर दूर बेलवन आश्रम: पेड़ों पर लगे एचडी कैमरे और परिंदा भी न पर मार सके ऐसी सुरक्षा
बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज की जमीनी पड़ताल और सुरक्षा व्यवस्था:
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पहुंचने का मार्ग: प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर के पास से होकर जाने वाले एक कच्चे रास्ते से होकर इस आश्रम तक पहुंचा जाता है।
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कड़े सुरक्षा नियम: आश्रम के बाहर मौजूद शिष्यों ने स्पष्ट बताया कि आश्रम में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध है और वहां किसी भी प्रकार की वीडियोग्राफी या कैमरा चलाने की बिल्कुल इजाजत नहीं है।
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हाई-टेक निगरानी तंत्र: मंदिर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित इस परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त है। परिसर की निगरानी के लिए पेड़ों तक पर हाई-डेफिनिशन (HD) सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
🧘♂️ ‘यह सांसारिक लीला है, भजन में मन लगाएं’: 5 महीने से बेलवन में मौजूद हैं प्रेमानंद महाराज
महाराज जी का संदेश और वर्तमान स्थिति की पुष्टि:
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शिष्य की मौत पर संदेश: रसिक दुलारी की मौत के बाद सामने आए विवाद पर प्रेमानंद महाराज ने इसी यमुना विहार कुंज आश्रम से अपने अनुयायियों के लिए एक संक्षिप्त संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि “यह सब सांसारिक लीला है, इसे छोड़कर आप सभी केवल अपने भजन और साधना में मन लगाएं।”
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5 महीने से प्रवास की पुष्टि: आश्रम में मौजूद शिष्यों ने अनौपचारिक बातचीत में पुष्टि की कि प्रेमानंद महाराज पिछले करीब पांच महीनों से इसी बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में साधना कर रहे हैं।
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पुलिस की गहन जांच जारी: दूसरी तरफ, रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर मथुरा पुलिस सभी संभावित पहलुओं, कॉल रिकॉर्ड्स और आश्रम से जुड़े बयानों की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
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