जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों के सफल संचालन और विमानन सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त फैसला लिया है. एयरपोर्ट के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में मांस-मछली की बिक्री, पशु वध और खुले में कूड़ा फेंकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.
भारतीय विमानन कानून और एयरड्रोम सुरक्षा मानकों (Aerodrome Safety Standards) के अनुसार, एयरपोर्ट के नजदीकी इलाकों में मांस की दुकानें या खुले में कचरा होने से पक्षियों के जमा होने का खतरा रहता है. पक्षियों का विमानों से टकराना एक गंभीर खतरा है, जिससे बड़े विमान हादसे हो सकते हैं. इसी जोखिम को शून्य करने के लिए यह कदम उठाया गया है.
लाइसेंस वाली दुकानें भी होंगी बंद
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवींद्र नाथ ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल अवैध दुकानों पर ही नहीं, बल्कि लाइसेंस धारी दुकानों पर भी लागू होगा. 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाली कोई भी दुकान अब मांस या मछली का विक्रय नहीं कर सकेगी. साथ ही, किसी भी प्रकार के अपशिष्ट का खुले में निस्तारण पूरी तरह वर्जित रहेगा.
उल्लंघन किया तो हो सकती है जेल
प्रशासन ने नियमों को प्रभावी बनाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है. यदि कोई इन नियमों की अनदेखी करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उल्लंघन करने वाले पर 1 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है.
प्रशासन की तैयारी और निगरानी
एयरपोर्ट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब ग्राउंड लाइसेंस की प्रक्रिया चल रही है. स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. क्षेत्र के गांवों और बाजारों में सार्वजनिक सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि आम जनता को इन प्रतिबंधों की जानकारी रहे. निरीक्षण टीमों को नियमित रूप से क्षेत्र में दौरा करने के लिए तैनात कर दिया गया है.
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