प्रदूषण की समस्या से कैसे निपटेगी दिल्ली सरकार? मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया मास्टर प्लान

दिल्ली

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए रेखा गुप्ता की सरकार ने एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली में एयर पॉल्यूशन एक बड़ी समस्या है, जिससे पूरे साल जूझना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने क्लीन, ग्रीन और हेल्दी दिल्ली बनाने का सपना लेकर कई अहम कदम उठाए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए IIT कानपुर के साथ क्लाउड सीडिंग पर समझौता किया गया है, जिससे पहली बार दिल्ली में आर्टिफिशियल रेन की जाएगी. साथ ही, युवाओं और स्टार्टअप्स को भी प्रभावी समाधान के लिए आमंत्रित किया जाएगा.

वाटर स्प्रिंकलर और एंटी स्मॉग गन होंगे तैनात

सरकार ने साल भर प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1000 वाटर स्प्रिंकलर, 140 एंटी स्मॉग गन, 70 मेकेनिकल रोड क्लीनिंग मशीन और 20 डंपिंग व्हीकल लगाए जाएंगे. इसके अलावा 70 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर और 30 वाटर टैंकर भी काम करते रहेंगे. निर्माण गतिविधियों पर भी कड़ा नियंत्रण होगा. 3000 स्क्वायर मीटर से बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में स्मॉग गन लगाना अनिवार्य होगा, साथ ही AI आधारित चालान प्रणाली से नियमों की पालना सुनिश्चित की जाएगी.

सीएम ने बताया कि वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए EV पॉलिसी के तहत 2300 ई-ऑटो मेट्रो स्टेशनों पर तैनात किए जाएंगे, 18 हजार से अधिक ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे और 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें भी चलेंगी. साथ ही, 1 नवंबर 2025 से सभी कमर्शियल वाहनों के लिए BS6, CNG या EV होना अनिवार्य होगा.

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी बढ़ेगा फोकस

सरकार ने कहा है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. दिल्ली में रोजाना निकलने वाले 11 मीट्रिक टन कूड़े में से केवल 7 हजार टन का निपटान हो पाता है. इसके लिए चार वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स पर काम चल रहा है और 2027 तक कूड़े के पहाड़ खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है.

सोसायटी में इलेक्ट्रिक हिटर अनिवार्य

सर्दियों में बढ़ते बायोमास बर्निंग की समस्या को रोकने के लिए सोसायटी में इलेक्ट्रिक हिटर अनिवार्य किए जाएंगे. औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़ाए जाएंगे और एंटी स्मॉग गन तथा वाटर स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे. पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू होगा, जिसमें इस वर्ष 70 लाख पेड़ लगाए जाएंगे. साथ ही, पर्यावरण रक्षक ब्रिगेड का गठन भी किया जाएगा.

दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए यह डबल इंजन की सरकार कटिबद्ध है और योजना के तहत स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लाया जाएगा.

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