दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में भारी बवाल मचा हुआ है। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार कर आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिससे मिश्रा के समर्थक उग्र हो गए हैं। विरोध स्वरूप समर्थकों ने एनएच-44 पर 10 से 11 घंटे तक चक्का जाम किया और भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
🪨 पुलिस पर पत्थरबाजी और तनाव
प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस झड़प में 6 से ज्यादा पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विरोध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक समर्थक ने आत्मदाह का भी प्रयास किया, जिसे पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। पुलिस ने कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है और पूरे जिले में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
📉 नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों कटा?
सूत्रों के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने का सबसे बड़ा कारण पार्टी का ‘इंटरनल सर्वे’ है, जिसमें उनकी जीत की संभावना कमजोर बताई गई थी। केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन द्वारा फीडबैक लेने के बाद किसी नए चेहरे पर दांव लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा स्वयं दिल्ली पहुंच गए हैं और राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की संभावना है।
🏢 जिला पदाधिकारियों के इस्तीफे से बढ़ी मुश्किल
टिकट कटने के बाद भाजपा की जिला इकाई में दरार आ गई है। जिला अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। वहीं, पार्टी की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा अपने फैसले पर अडिग रहेगी, क्योंकि कार्यकर्ताओं के दबाव में टिकट बदलना पार्टी की परंपरा में नहीं है।
⚖️ उपचुनाव की नौबत क्यों आई?
कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता बैंक धोखाधड़ी मामले में सजा होने के कारण समाप्त हो गई थी। इसी रिक्त सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है, जिसमें भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्टी इस अंदरूनी विरोध को चुनाव से पहले कैसे शांत करती है।
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