फतेहाबाद : फतेहाबाद शहर के गुरुनानकपुरा क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस चौकी के पास खाली जगह से मिली खोपड़ी की गुत्थी सुलझते हुए एक युवक की पहचान में बदल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह खोपड़ी गांव अहरवा निवासी बीरसा सिंह उर्फ बीरसा (21) की है जो पिछले 16 दिनों से लापता था। युवक की 4 मई को शादी होनी थी लेकिन उससे पहले ही उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
जानकारी अनुसार 1 मई को गुरुनानकपुरा पुलिस चौकी के पास खोपड़ी मिली थी जबकि 4 दिन बाद शरीर का बाकी हिस्सा एक पैट्रोल पम्प के पीछे झाड़ियों में बरामद हुआ। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस द्वारा खोपड़ी की फोटो परिजनों को दिखाई गई जिसके बाद परिजनों ने कान में पहनी बाली के आधार पर उसकी पहचान बीरसा सिंह के रूप में की।
परिजनों के अनुसार बीरसा सिंह 19 अप्रैल को शाम करीब 5.30 बजे घर से 10 रुपए लेकर निकला था और अपना मोबाइल भी घर पर ही छोड़ गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। इस संबंध में थाना सदर में गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया गया था। मृतक के भाई गुरसेवक सिंह ने बताया कि बीरसा कुछ युवकों के साथ रहता था और नशीली गोलियों व चिट्टे का सेवन करता था। परिजनों को शक है कि उन्हीं लोगों में से किसी ने उसकी हत्या की है।
डी.एन.ए. जांच के लिए भेजे सैंपल
पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में रखवाया जिसके बाद डी.एन.ए. जांच के लिए खोपड़ी और अन्य सैंपल अग्रोहा मैडीकल कॉलेज भेजे गए हैं। सदर थाना प्रभारी प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टि में परिजनों द्वारा पहचान की गई है लेकिन आधिकारिक पुष्टि डी.एन.ए. रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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