फरीदाबाद: फरीदाबाद के जिला नागरिक बादशाह खान सिविल अस्पताल में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर बुनियादी व्यवस्थाओं में कमी मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है. हाल ही में अन्य जिलों में पानी की टंकियों में गंदगी मिलने की घटनाओं के बाद भी यहां प्रशासन की सतर्कता नजर नहीं आई.
छत पर खुली टंकियों ने बढ़ाई चिंता: अस्पताल की मुख्य इमारत की छत पर रखी करीब 10 से 12 पानी की टंकियों में से कई टंकियां खुली पाई गईं. इतना ही नहीं, लगभग 4 से 5 टंकियों के ढक्कन पूरी तरह गायब मिले. एक टंकी का पानी छत पर फैला हुआ भी दिखाई दिया, जो रखरखाव में भारी लापरवाही को दर्शाता है. यह स्थिति साफ संकेत देती है कि नियमित निगरानी और देखरेख नहीं की जा रही है.
संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा: इन टंकियों की लंबे समय से सफाई नहीं करवाई गई है, जिससे उनमें गंदगी जमा होने की आशंका बढ़ गई है. यही पानी अस्पताल में विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाता है. ऐसे में मरीजों और अस्पताल स्टाफ के बीच संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है.
सरकारी निर्देशों की अनदेखी: दरअसल, कुछ दिनों पहले प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने हाल ही में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए थे. इसके बावजूद इस प्रमुख अस्पताल में आदेशों की अनदेखी साफ देखी जा रही है.
जल्द टंकी साफ कराने का आश्वासन: इस पूरे मामले में सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि, “एक सप्ताह के भीतर सभी टंकियों की सफाई करवाई जाएगी. जिन टंकियों के ढक्कन नहीं हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द लगवाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो.”
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