एक्सप्रेसवे हादसा: ‘जैसे बम फटा’! प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया दिल्ली-आगरा रूट पर कैसे मची चीख-पुकार, दिल दहला देने वाला मंजर

उत्तर प्रदेश

यूपी का मथुरा… सुबह के 4:30 बज रहे थे…दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर अचानक आग की तेज लपटें उठती हुई दिखाई दीं. तभी एक के बाद एक तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं. धमाकों की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों के लोग घबरा गए और दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे. वहां का मंजर देखकर सभी के होश उड़ गए. ये हादसा बलदेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे की माइलस्टोन-127 के पास हुआ.

छह स्लीपर वोल्वो बसें, एक रोडवेज बस और तीन कारें आग की चपेट में आकर धू-धू कर जल रही थीं. अचानक लगी इस आग और धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई. लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, वहीं एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही उसकी लपटें और काले धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था. कोई बस से उतरने की जद्दोजहद कर रहा था तो कोई शीशा तोड़कर कूद रहा था. हर कोई अपनी जान बचान की कोशिश में था.

‘हर तरफ चीख-पुकार मची’

आग लगने की जानकारी मिलते ही मौके पर दमकल विभाग की गाड़ियां भी पहुंच गई थी और आग पर काबू पाना शुरू कर दिया. आग का ये तांडव जिसने भी देखा, वह कांप उठा. मौके पर मौजूद भगवान दास ने बताया कि गाड़ियां आपस में टकराईं तो ऐसा लगा जैसे बम फटा हो और तेज धमाके हुआ हो. पूरा गांव आनन-फानन में पहुंचा. एक और एक और शख्स ने बताया कि हादसे के बाद हमें आग का गुबार दिखाई दिया. लोग बसों की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर कूद रहे थे. हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी.

घना कोहरा हादसे की वजह

एक और चश्मदीद ने बताया कि हादसे वाली जगह पर हर तरफ सिर्फ जली हुई राख नजर आ रही है. कई बसें पूरी तरह जल चुकी हैं, जिन्हें क्रेन की मदद से सड़क से हटाया जा रहा है. एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक घना कोहरा इस भीषण हादसे की बड़ी वजह बना. इस हादसे में 7 बसें और 3 अन्य गाड़ियां आपस में भिड़ गई, टक्कर के बाद बसों में आग लग गई. इनमें एक रोडवेज बस एक वीटी ट्रैवलर्स, एक ठाकुर जी ट्रैवलर्स और अन्य शामिल थीं. फिलहाल राहत और बचाव कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है.

एक के बाद एक बसें टकराने लगीं

प्रत्यक्षदर्शी सुनील कुमार यादव ने बताया कि वह जौनपुर से लौटकर दिल्ली जा रहे थे. रास्ते में अचानक तेज आवाज सुनाई दी और अंधेरा इतना घना था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. जैसे ही वे कार से बाहर निकले, पीछे से एक के बाद एक बसें टकराने लगीं. देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई. लोग जान बचाने के लिए बसों से निकलने की कोशिश करने लगे, कोई शीशे तोड़कर बाहर कूदा तो कोई मदद के लिए चिल्लाता रहा.

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