उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) यूपीसीडा की आवासीय कॉलोनी में भूखंड खरीदने वाले आवंटियों के लिए बड़ी खबर है. अगर आपने अभी तक अपने प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई है, तो 7 नवंबर तक का ही आखिरी मौका है. इसके बाद यूपीसीडा ऐसे करीब 70 से 80 भूखंडों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर देगा. इससे आवंटियों की मुश्किल बढ़ सकती हैं.
जलेसर रोड स्थित यूपी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (यूपीसीडा) की आवासीय कॉलोनी में करीब 500 आवासीय भूखंड विकसित किए गए थे. इनमें से लगभग 410 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक केवल 30 से 40 आवंटियों ने ही मकान निर्माण कराया है. बाकी लोगों ने न तो रजिस्ट्री कराई है और न ही नक्शा पास कराया.
7 नवंबर के बाद नहीं होगी बिक्री
इसको लेकर हाल ही में यूपीसीडा निदेशक मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि 7 नवंबर के बाद अधूरे भूखंडों का ट्रांसफर या बिक्री नहीं की जा सकेगी. केवल बने हुए मकानों की ही बिक्री अथवा ट्रांसफर की अनुमति होगी. इस आदेश से उन लोगों को बड़ा झटका लगा है, जिन्होंने री सेल और मुनाफे के इंतजार में अभी तक रजिस्ट्री नहीं कराई थी और न ही भूखंड पर अपने मकान का निर्माण कराया है.
20 साल बाद भी नही कराई गई रजिस्ट्री
यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी के निर्देश पर शासनादेश जारी किया गया है. इसके लेकर रीजनल मैनेजर सीके मौर्य ने बताया कि जिन लोगों ने 20 साल पहले भूखंड लिए थे और अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई है, उनके प्लॉट निरस्त कर दिए जाएंगे. इसलिए सभी आवंटियों से अपील है कि जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराएं, ताकि प्लॉट रद्द होने की कार्रवाई से बचा जा सके. विभाग ने इसके लिए लोगों को 7 नवंबर तक का मौका दिया है. इसके बाद भी अगर लोगों ने रजिस्ट्री कराई नहीं कराई गई तो भूखंडों को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी.
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