चंडीगढ़: हरियाणा में निजी स्कूलों की मनमानी और गुपचुप तरीके से फीस बढ़ाने के खेल पर शिक्षा विभाग ने सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। प्रदेश के 74 नामी निजी स्कूलों ने बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपने वित्तीय लेनदेन और फीस का ब्योरा (Form-6) सरकारी पोर्टल पर सार्वजनिक नहीं किया है। इस गंभीर लापरवाही और नियमों की अनदेखी को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों को अंतिम चेतावनी जारी कर दी है।
हरियाणा शिक्षा नियमावली के तहत, हर निजी स्कूल के लिए शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले अपनी आय, खर्च, शिक्षकों के वेतन और ली जाने वाली फीस का पूरा विवरण ‘फॉर्म-6’ के माध्यम से विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। विभाग की जांच में सामने आया है कि इन 74 स्कूलों ने जानबूझकर यह जानकारी छिपाई है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विभाग की सख्त कार्रवाई के संकेत
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर डेटा अपलोड नहीं किया गया, तो निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे।नियमों के उल्लंघन पर स्कूलों की स्थायी मान्यता (Recognition) वापस ली जा सकती है। पोर्टल अपडेट न करने तक प्रतिदिन के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा।: आगामी सत्र के लिए इन स्कूलों को नए दाखिले लेने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, इन 74 स्कूलों में प्रदेश के कई बड़े और नामी शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं। विभाग अब जिलावार इन स्कूलों की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी में है ताकि नए दाखिले के समय अभिभावक सतर्क रह सकें।
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