चंडीगढ़: चंडीगढ़ में शराब पीकर गाड़ी चलाने और पुलिस नाके पर हंगामा करने वाले दो युवकों को अदालत ने ऐसी अनोखी सजा सुनाई, जो दूसरों के लिए भी एक बड़ी नसीहत बन गई है। दोनों युवक सेक्टर-16 स्थित मटका चौक पर हाथों में तख्तियां लेकर लोगों को “शराब पीकर गाड़ी न चलाएं” का संदेश देते नजर आए। समराला निवासी लवजोत सिंह और गगनदीप सिंह को जिला अदालत ने चार दिनों तक रोजाना मटका चौक पर खड़े होकर लोगों को ट्रैफिक नियमों और नशे में वाहन चलाने के खतरों के प्रति जागरूक करने का सख्त आदेश दिया है।
शराब के नशे में पुलिस नाके पर की थी बदसलूकी
जानकारी के मुताबिक, रविवार देर रात दोनों युवक अपनी फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर सेक्टर-34/35 डिवाइडिंग रोड पर पहुंचे थे। नाकाबंदी के दौरान जब पुलिस ने उन्हें रोका तो वे शराब के नशे में धुत थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बहस, बदसलूकी और काफी देर तक हंगामा किया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी फॉर्च्यूनर कार भी जब्त कर ली।
10 हजार का जुर्माना और 3 महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड
अगले दिन दोनों युवकों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने उनके व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और उनके ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने के आदेश दिए। इसके साथ ही अदालत ने सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से दोनों युवकों को चार दिनों तक सेक्टर-16 के मटका चौक पर तख्तियां पकड़कर लोगों को शराब पीकर वाहन न चलाने का संदेश देने का खास निर्देश भी दिया।
सजा का उद्देश्य: लोगों को जागरूक करना और सबक सिखाना
व्यस्त मटका चौक पर दोनों युवकों को तख्तियां लेकर खड़ा देखकर राहगीर भी रुक-रुककर उन्हें देखते रहे। अदालत की इस अनोखी सजा का उद्देश्य केवल दोषियों को सबक सिखाना ही नहीं है, बल्कि आम लोगों को यह कड़ा संदेश देना भी है कि शराब पीकर वाहन चलाना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह अपनी और सड़क पर चलने वाले दूसरों की जान को भी गंभीर खतरे में डालता है।
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